The city's air started deteriorating again as the cold increased, AQI reached 289
- फोटो : Kaithal
नवंबर खत्म होने के साथ ही ठंड बढ़ने लगी है और अंधेरा होते ही आसमान में स्मॉग छा जाती है। ठंड बढ़ने के साथ ही हवा में प्रदूषण की मात्रा अचानक बढ़ने लगी है। प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन और घुटन महसूस होने लगी है।
हवा में प्रदूषण के स्तर के मामले में कैथल की स्थिति पहले से ठीक है। पिछले कुछ दिनों में देखें तो प्रदूषण का स्तर काफी कम हुआ है। प्रशासन व कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ ही अवशेष जलाने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। विभाग की ओर से किसानों से अपील भी की जा रही है कि वे खेतों में आग न लगाएं। ऐसा करके किसान अपनी जमीन को तो बंजर बना ही रहें हैं साथ ही जीवन भी खतरे में डाल रहे हैं। हवा में प्रदूषण के स्तर को 0 से 50 तक ही सही माना गया है। उससे ज्यादा होने पर यह अस्थमा व हार्ट के मरीजों के लिए खतरनाक माना जाता है। वहीं जिले में अब इसकी मात्रा 289 तक पहुंच गई है। जो हर वर्ग के लिए नुकसानदायक है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रिय अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में प्रदूषण स्तर कम होने का अनुमान है। बोर्ड द्वारा प्रदूषण कम करने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे है।