संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम के भवन में भूकंप आने की स्थिति में बच्चे फंस गए। सायरन बजते ही एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड में मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। जैसे-जैसे सूचना मिलती गई, वैसे-वैसे विभिन्न विभागों की टीमें स्कूल भवन में फंसे बच्चों को बचाने के कार्य में जुटती चली गईं। यह दृश्य वीरवार को आयोजित जिला स्तरीय मॉक ड्रिल का था।
इस दौरान सभी विभागों का आपसी तालमेल देखने को मिला। आपदा की स्थिति में स्कूल भवन में फंसे बच्चों को तुरंत प्रभाव से रेस्क्यू कर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया गया। एनडीआरएफ की टीम में ऑब्जर्वेशन असिस्टेंट अनिल कुमार, टीम कमांडर संदीप, एसआई धर्मेश कुमार सहित कुल 31 सदस्य शामिल रहे।
सायरन बजते ही मॉक ड्रिल के तहत सबसे पहले स्कूल की रेस्क्यू टीम ने बच्चों को सुरक्षित रूप से भवन से बाहर निकालने का कार्य किया। इसके बाद स्कूल परिसर में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और तुरंत आग पर काबू पाया। यह मॉक ड्रिल डीसी अपराजिता के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने आयोजित की।
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, सीएमओ डॉ. रेनू चावला, डीआरओ चंद्र मोहन, डीएसपी ललित कुमार, जीएम रोडवेज कमलजीत चहल तथा जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम के प्राचार्य उमेद कुमार भारद्वाज सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस कंट्रोल रूम इंस्पेक्टर महीपाल और विजय सिंह की अगुवाई में स्थापित किया गया, जहां से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने कटर का प्रयोग कर भवन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला, वहीं रस्सियों की सहायता से भवन की छत से पीड़ित बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
रेडक्रॉस व पुलिस ने भी निभाई सक्रिय भूमिका
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी एवं माई भारत केंद्र के वॉलिंटियर्स ने भी भवन में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस विभाग की टीम भी पूरे तालमेल के साथ सक्रिय नजर आई। जैसे ही भवन में बच्चों के फंसे होने की सूचना मिली, पुलिस टीम ने चुस्ती दिखाते हुए बच्चों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस तक पहुंचाने का कार्य किया।
किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल का आयोजन बेहद आवश्यक है। मॉक ड्रिल में दिखाई व बताई गई जानकारियों को अपने जहन में रखें और किसी भी आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार रहें। -सुशील कुमार, एडीसी
भवन के अंदर से बच्चों को निकालते टीम के सदस्य।
भवन के अंदर से बच्चों को निकालते टीम के सदस्य।