संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इंदिरा गांधी पीजी महिला महाविद्यालय में एमएससी गणित द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम इस वर्ष अत्यंत शानदार एवं प्रेरणादायक रहा। नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया है कि महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता निरंतर सुदृढ़ हो रही है।
महाविद्यालय में एमएससी गणित की कुल 12 छात्राओं ने 9 से अधिक एसजीपीए प्राप्त कर एक नई शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है। इस उपलब्धि पर प्राचार्या डॉ. आरती गर्ग ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में पुराने पाठ्यक्रम प्रणाली के अंतर्गत भी छात्राओं ने विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम व टॉप पोजीशन प्राप्त की हैं और अब नई शिक्षा नीति के अंतर्गत भी वे लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं।
डॉ. गर्ग ने कहा कि एनईपी के तहत 9 और 10 एसजीपीए प्राप्त करने वाली छात्राओं की संख्या में निरंतर वृद्धि होना महाविद्यालय की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित वातावरण एवं शिक्षकों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति से छात्राओं के समग्र विकास, व्यावहारिक ज्ञान और प्रतिस्पर्धात्मक सोच को बढ़ावा मिल रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव परिणामों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
सांयकालीन सत्र की प्राचार्या प्रभारी श्वेता तंवर ने भी सभी सफल छात्राओं को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। इस अवसर पर गणित विभाग से प्रो. लालिशा एवं प्रो. शिल्पा भी उपस्थित रहीं।
एमएससी गणित में टॉप तीन छात्राएं
प्रथम स्थान : माफी देवी - 9.73 एसजीपीए (668/750 अंक)
द्वितीय स्थान : सलोनी - 9.60 एसजीपीए (665/750 अंक)
तृतीय स्थान : ईशा - 9.47 एसजीपीए (654/750 अंक)