संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव सिसला के 27 वर्षीय युवक जगदीप का शव शनिवार को सवा दो महीने बाद जब गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में मातम छा गया। दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान परिजन फूट-फूट कर रोते नजर आए और हर आंख नम दिखाई दी।
गांव सिसला निवासी जगदीप करीब 11 माह पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर स्पेन गया था। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब 18 लाख रुपये खर्च किए थे। परिजन दीपक ने बताया कि 29 नवंबर को स्पेन में काम के दौरान जगदीप को अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। तभी से उसका शव स्पेन में ही पड़ा हुआ था। करीब 18 लाख रुपये खर्च करने के बाद आखिरकार शव गांव लाया जा सका।
जगदीप तीन बहनों का इकलौता भाई था। परिवार में अब उसकी मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उसका चार वर्षीय बेटा और छह माह की बेटी है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है।
पिता की हो चुकी थी मौत
मृतक युवक के चाचा ससुर दीपक ने बताया कि जगदीप को विदेश भेजने के लिए परिवार ने जमीन बेचकर 18 लाख रुपये जुटाए थे। उसकी मौत के बाद शव को भारत लाने में भी लगभग इतनी राशि खर्च करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि जगदीप के पिता की 11 साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी।