लगभग ढाई महीने बाद खुले स्कूलों में दूसरे दिन भी 40 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे। हालांकि विद्यार्थी व स्कूल प्रशासन कोविड-19 की गाइडलाइनों का पालन अवश्य कर रहे हैं, लेकिन अभी विद्यार्थियों में स्कूल के प्रति रुचि नहीं दिखाई दे रही। फिलहाल कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश की अनुमति दी गई। लेकिन कई जगहों बिना आदेशों छोटे बच्चों के लिए भी स्कूलों को खोला जा रहा है।
मई महीने के पहले सप्ताह में बंद हुए स्कूल हरियाणा शिक्षा निदेशालय की ओर से शुक्रवार को खोले गए। इनमें पहले दिन स्कूलों में 30 प्रतिशत से भी कम विद्यार्थी पहुंच पाए। इसके बाद दूसरे दिन शनिवार होने की वजह से भी विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। सोमवार से नियमित रूप से विद्यार्थियों के स्कूल पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। विभाग द्वारा सुबह नौ से लेकर दोपहर 12 बजे तक कक्षाएं व एक बेंच पर केवल एक ही विद्यार्थी बैठने के आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन अभी भी कई कुछ स्कूलों में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। एक-एक बेंच पर दो-दो विद्यार्थी बैठे दिखाई दिए।
जाखौली अड्डा स्थित कन्या स्कूल में एक ही कमरे में ज्यादा बच्चे बैठे थे। हालांकि सभी ने मास्क जरूर लगाया हुआ था। लेकिन सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया गया। यहां 30-40 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे। इसी प्रकार राजकीय ब्याज स्कूल में भी विद्यार्थियों की संख्या 40 प्रतिशत रही। जो विद्यार्थी मास्क नहीं लगाकर पहुंचा, उन्हें स्कूल प्रशासन की ओर से मास्क उपलब्ध करवाए गए। गीता भवन स्थित राजकीय कन्या स्कूल के प्रिंसिपल रामेश्वर दास ने बताया कि स्कूल में सभी विद्यार्थियों का विद्यालय के मुख्य गेट पर ही स्वास्थ्य की जांच की गई। वहीं तापमान रिकॉर्ड दर्ज किया गया। यहां दूसरे दिन लगभग 250 छात्राएं पहुंची।
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में दूसरे दिन विद्यार्थियों की संख्या सामान्य रही। सरकारी स्कूलों की अपेक्षा प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थी अधिक पहुंचे।
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि स्कूलों के प्रबंधन को नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं पर किसी प्रकार की कमी है तो इसे दुरुस्त करवाया जाएगा।