कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र सांसद नायब सैनी और राज्य मंत्री कमलेश ढांडा के आगमन को लेकर किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने सायं करीब 4 बजकर 18 मिनट पर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे सांसद और राज्य मंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। पुलिस बलों ने भारी मशक्कत के साथ किसानों को आगे बढ़ने से रोका। काफी समय बैरिकेड और रस्सों के माध्यम से पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मशक्कत की। आखिरकार पुलिस जवान किसानों को प्रदर्शन स्थल पर ही रोकने में सफल रहे। किसानों के संगठनों ने सुबह करीब 11 बजे कपिल मुनि धाम मार्ग पर स्थित नगरपालिका कार्यालय से कुछ दूरी पर एकजुट होना शुरू कर दिया था। इसके बाद लगातार किसान मौका स्थल पर डेरा डाले रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसपी लोकेंद्र सिंह के निर्देश पर दो डीएसपी, इंस्पेक्टरों, सब इंस्पेक्टरों, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों ने चप्पे-चप्पे पर मोर्चा संभाले रखा। बड़ी संख्या में पुरुष-महिला पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए वाटर कैनन, क्रेन, फायर ब्रिगेड, वज्र वाहन और सुरक्षा को कड़ा करने के लिए अन्य संसाधन जुटाए गए थे। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग श्रीकपिल मुनि धाम मार्ग पर की गई थी। अधिकारी बार-बार किसानों को मौके से हटने की अपील करते रहे लेकिन भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शनकारी करीब 6 घंटे डेरा डाले रहे।
वरिष्ठ किसान नेता महेंद्र रामगढ़ पांडवा, किसान नेता होशियार सिंह गिल, युवा नेता गुरनाम सहारण, हलका युवा अध्यक्ष मंदीप चौशाला, जगबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, शक्ति सिंह और अन्य किसानों ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं किया जाता किसान गांवों-शहरों में भाजपा नेताओं का विरोध करते रहेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान ने कृषि कानूनों के विरोध में देश-प्रदेश में ठोस रणनीति तैयार की गई है। किसानों की एक नजर खेत-खलिहान और दूसरी कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन पर है।