कैथल। जिले की अनाज मंडियों में मौसम गर्म होने के कारण गेहूं की आवक बढ़ गई है। वीरवार रात तक कुल 256 080 एमटी की खरीद एवं आवक हो चुकी है। इसमें से 32 हजार एमटी का उठान हुआ है। शेष गेहूं मंडियों में ही पड़ा है। अचानक आवक बढ़ जाने के कारण गेहूं के कट्टों के मंडियों में अंबार लग गया है। मंडियों में इस समय 223000 कट्टों का उठान बाकी है। उधर, तीन दिनों से आ रही जे फार्म एवं ऑनलाइन गेटपास की समस्या का वीरवार को समाधान हो गया। जिस कारण अब जल्द ही उठान व भुगतान का काम पूरा होगा।
विदित रहे कि बुधवार तक मंडियों में सिकुड़े दाने एवं टुकड़े सहित लस्टर लॉस के कारण लगाए गए केंद्र सरकार के कट के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिस कारण ऑनलाइन गेट पास तक नहीं कटे थे। इसके चलते भुगतान का काम भी लेट हो रहा है। किसान खराब मौसम के कारण जैसे-तैसे अपनी गेहूं को बेचने के प्रयास में है। ऐसे में वह भुगतान के समय की चिंता किए बिना खरीद एजेंसियों को अपना गेहूं बेचकर घर लौट रहा है। किसान कैथल निवासी रमेश ने बताया कि सरकार ने कट्टों का खर्च उठाने का जो फैसला लिया है, वह सराहनीय है।
इससे किसान, आढ़ती व अन्य खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को राहत मिली है। क्योंकि इतनी श्रेणियों में गेहूं की अलग-अलग खरीद संभव नहीं है। ऐसे में एक बार सरकार को गेहूं दर्ज हो गई तो उसका भुगतान तो सरकार खातों में दे ही देगी। उनकी फसल एमएसपी पर बिक गई, यही काफी है। बुधवार तक 1990 59 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई थी। डीसी जगदीश शर्मा ने बताया कि जिले में गेहूं की कुल आवक में से 77976 मीट्रिक टन गेहूं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा, 81 392 हैफेड द्वारा, 7 910 मीट्रिक टन भारतीय खाद्य निगम द्वारा तथा 31781 मीट्रिकटन गेहूं हरियाणा वेयरहाउसिंग कोर्पोरेशन द्वारा खरीदा गया है। हेफेड मैनेजर पवन कुमार ने कहा कि ऑनलाइन गेट पास व जे फार्म को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जैसे-जैसे यह काम पूरा होगा, उसी अनुसार फसल के भुगतान का रास्ता साफ हो जाएगा।
डीएफएससी निशांत राठी ने कहा कि मौसम ठीक होने के चलते किसान गेहूं मंडी में लेकर आ रहे हैं। जिले भर की मंडियों में खरीद सुचारू रूप से चल रही है। एकदम से आवक जोने के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। इसे जल्द ही उठा लिया जाएगा। मंडियों में खरीद संबंधी सारा कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। सरकार ने किसानों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है।