संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। निकाय कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन की ओर से की गई वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नजर नहीं आ रही। पूरे शहर में केवल 65 सफाई कर्मचारियों के भरोसे मोर्चा संभालने का प्रयास किया जा रहा है। नतीजतन, शहर की मुख्य सड़कों से लेकर रिहायशी इलाकों तक कचरा है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में सड़कों पर लगभग 220 टन कचरा जमा हो चुका है, जिससे महामारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है। सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ियों से सीधे उठान का प्रयास किया है, लेकिन सड़कों से कचरा उठान की योजना दम तोड़ रही है। राहगीरों का सड़कों से गुजरना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हवा के साथ फैल रही सड़न और बदबू के कारण घरों के खिड़की-दरवाजे बंद रखने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आज भी रहेगी हड़ताल, लोग परेशान
आंदोलनकारी संगठनों ने मांगों पर अड़े रहते हुए हड़ताल को मंगलवार तक बढ़ाने का एलान कर दिया है। कर्मचारी संगठन के जिला सचिव शिवचरण ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, हड़ताल जारी रहेगी। इस विस्तार से संकट और गहरा गया है। निकाय मुख्यालयों में तालाबंदी जैसी स्थिति होने के कारण न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, बल्कि नागरिकों के जरूरी प्रशासनिक काम भी पूरी तरह अटक गए हैं।
हड़ताल के बीच व्यवस्था बनाकर शहर में सफाई कराई जा रही है। इसके लिए करीब 65 कर्मचारी लगाए गए हैं। घरों से डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए भी निजी एजेंसी की गाड़ियां जा रही है। - पवन शर्मा, सचिव, नगर परिषद
अंबाला रोड से कचरा उठाते कर्मचारी। विभाग