संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रविंद्र बलियाला की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय कैथल के सभागार में शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान आयोग को प्राप्त 11 शिकायतों की सुनवाई की गई, जबकि 15 अन्य शिकायतों पर भी विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए।
कैथल पहुंचने पर जिला प्रशासन ने आयोग का स्वागत किया। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य है कि हर पीड़ित की बात सुनी जाए और दोषी को सजा तथा निर्दोष को राहत मिले।
बैठक में आयोग ने शिकायतकर्ता व आरोपी दोनों पक्षों से बातचीत की और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। आयोग ने पाया कि कैथल जिला प्रशासन की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई संतोषजनक रही है।
इस अवसर पर आयोग को सीधे तौर पर प्राप्त 15 शिकायतों की भी समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद खुली सुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों से भी शिकायतें ली गईं।
सीवन महिला प्रताड़ना प्रकरण पर संज्ञान ः खुली सुनवाई में सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा सीवन थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ कथित थर्ड डिग्री प्रताड़ना का मामला। आयोग ने पहले किशोरी के लापता होने संबंधी शिकायत को सुना, फिर थाने में प्रताड़ना की शिकायत को लेकर आए भारी संख्या में लोगों से बातचीत की।
आयोग ने मामले में जिला पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों सहित उस निजी चिकित्सक को 15 जुलाई को तलब किया है, जिसने कथित रूप से पीड़िता का इलाज करने से इनकार किया था। साथ ही जिला अस्पताल से अब तक हुए इलाज की रिपोर्ट भी आयोग में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
एसपी ने दी जानकारी ः पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने आयोग को बताया कि महिला प्रताड़ना मामले में शिकायत मिलते ही संबंधित तीन पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। एसआईटी जांच कर रही है।
समय पर न्याय मिले, यही है प्रयास ः अध्यक्ष
आयोग के अध्यक्ष रविंद्र बलियाला ने बताया कि एक्ट 2018 के तहत गठित यह आयोग जनवरी 2023 से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसकी कार्यशैली और शक्तियां राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समकक्ष हैं।
आयोग का प्रयास है कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को समय पर न्याय मिले, उनके अधिकारों की रक्षा हो और कोई निर्दोष व्यक्ति बेवजह न फँसे। उन्होंने बताया कि आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है जिसमें आरोपी पक्ष को भी सुनवाई का अवसर दिया जाता है, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
इस मौके पर आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बड़गुज्जर, सदस्य रवि तारांवाली, मीना नरवाल, रत्तन लाल, उपायुक्त प्रीति, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, एडीसी दीपक बाबूलाल करवा, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला, डीएसपी वीरभान, गुरविंद्र सिंह, सुशील प्रकाश, जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।