संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका (कैथल)। नगरपालिका की शहर में बनाई गई गलियों की गुणवत्ता को परखने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला की टीम ने दूसरे दिन भी विभिन्न स्थानों से सैंपल एकत्रित किए। एसीबी की तकनीकी टीम के एसडीओ ध्रुव शाश्वत और एसडीओ कर्म सिंह ने वार्ड नंबर 2 और वार्ड नंबर 12 में बनाई गई गलियों से सैंपल भर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
एसडीओ ध्रुव शाश्वत ने बताया कि जिन-जिन निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें मिली हैं, उन सभी स्थानों से सैंपल लेकर लैब में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता और वार्ड नंबर 2 के पार्षद दलबीर सीड़ा ने आरोप लगाया कि नगरपालिका चेयरपर्सन की मिलीभगत से अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर गलियों के निर्माण में लाखों रुपये का घोटाला किया है। उनका कहना है कि एसीबी की प्राथमिक जांच में ही कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
सीड़ा ने आरोप लगाया कि टिल्ला प्लॉट को जाने वाली सड़क पहले
ईंटों से बनी हुई थी, लेकिन
नगरपालिका अधिकारियों ने रिकॉर्ड में
इसे ब्लॉक से बनी सड़क दिखाकर भुगतान ले लिया।
उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को एसीबी टीम जब जांच के लिए पहुंची थी, तब भी सड़क पर ईंटें लगी हुई थीं। आरोप है कि अपनी लापरवाही और धांधली को छुपाने के लिए अधिकारियों ने बाद में जल्दबाजी में सड़क पर ब्लॉक लगाकर उसे पक्का दिखाने की कोशिश की।
दलबीर सीड़ा ने उपायुक्त प्रीति और मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों और उनसे जुड़े ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा पूरे मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से करवाई जाए। नगरपालिका निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के इन आरोपों के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है और लोग एसीबी की जांच रिपोर्ट पर नजरें जमाए हुए हैं।