संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पूरे देश में मां दुर्गा के नवरात्र रखे जा रहे हैं और मंदिरों को खूब सजाया गया है। कलायत में एक मंदिर ऐसा भी है जिसमें माता की प्रतिमा के साथ शिव परिवार भी स्थापित है, लेकिन उसमें पूजा अर्चना तक नहीं होती। रखरखाव के अभाव में मंदिर जर्जर अवस्था में है। मंदिर के चारों और झाड़ व बड़ी मात्रा में कांग्रेस घास उगी है। संभाल के अभाव में दीवारें तक टूट टूट कर गिर रही हैं।
मंदिर का निर्माण वर्ष 1984 में हुआ था। जिस समय परिसर में मंदिर बना उस समय कर्मचारियों के रहने के लिए आवास भी बनाए गए थे। नया भवन बनने के बाद आवासों के साथ साथ मंदिर भी खंडहर में तब्दील होकर रह गया। मंदिर की बुरी व्यवस्था को लेकर बिजली विभाग के एसडीओ अंकित कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने कलायत कार्यालय की व्यवस्था संभाली है तब से वे इस मंदिर को ऐसी ही हालत में देख रहे हैं। मंदिर चूंकि विभाग ने नहीं बनवाया था, इसलिए इसकी देख रेख के लिए उनके पास बजट नहीं है। परिसर में कोई सरकारी आवास भी नहीं है ताकि वहां रहने वाले यहां पूजा पाठ करे व इसकी संभाल करें।
शिवरात्रि पर विभाग के कर्मचारियों ने मंदिर की सफाई कर यहां पूजा अर्चना की थी। अब वे प्रयास करेंगे की स्टाफ को साथ लेकर मंदिर के रख रखाव कर सकें। पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया की मंदिर में विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद वह सजीव माना जाता है।