कैथल। पिछले एक सप्ताह से मौसम ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। एक सप्ताह के भीतर ही अधिकतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तपाते सूरज की वजह से दोपहर के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। गर्मी से पसीना छूट रहा है।
मौसम विभाग क अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। उनका अनुमान है कि जिस तरह से मौसम अचानक बदला है, इससे आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। लोगों को तेज धूप से बचने के उपाय अभी से करने होंगे।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले अधिकतम औसतन तापमान 30 व 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। एकदम तापमान में बढ़ोतरी होने से सब्जी की फसलों में भी बीमारियां आने का खतरा बढ़ गया है।
इससे चिंतित सब्जी उत्पादक किसान राहेश रहेजा, सतबीर, सुखदेव ने बताया कि एकदम से तापमान बढ़ने से सब्जियों की फसलों में बीमारियां आनी शुरू हो गई हैं। इसके लिए किसान स्प्रे करके रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
धूप के सीधे संपर्क में जाने से बचें
सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल का कहना है कि तेज धूप में निकलने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को धूप के सीधे संपर्क में जाने से बचना चाहिए। अधिक देर तक पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है। घर से बाहर निकलें तो धूप से बचाव का प्रबंध जरूर करें। बच्चों, बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में जितना हो सके, उतना पानी पीना चाहिए। मई और जून में गर्मी और बढ़ेगी। तीखी धूप में त्वचा के झुलसने का भी खतरा रहता है। त्वचा को धूप से बचाने के लिए स्किन लोशन का इस्तेमाल करना चाहिए।
गेहूं की फसल में नमी की समस्या खत्म
अचानक बढ़े तापमान से मंडी में पहुंच रही गेहूं की फसल में नमी की समस्या ही खत्म हो गई है। सप्ताह भर पहले तक गेहूं की फसल में 18 से 20 प्रतिशत तक नमी थी। जो अब निर्धारित नियम 12 प्रतिशत व इससे नीचे तक आ गई है। इसी कारण किसानों को मंडी में गेहूं बिक्री में कोई परेशानी नहीं आ रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि बीते एक सप्ताह में ही तापमान में बढ़ोतरी हुई है। सब्जी की फसलों में किसान समय समय पर सिंचाई करते रहें। तापमान के कारण अभी तक सब्जियों व अन्य फसलों में कोई नुकसान नहीं है।
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
गर्मी से बचाव के लिए प्राकृतिक ठंडे पेय पदार्थ लोगों के लिए रामबाण साबित हो रहे हैं। इनमें बेल का जूस, नारियल पानी, नींबू पानी, गन्ने का जूस, बनाना शेक और मैंगो शेक सहित अन्य फलों का जूस शामिल है। ये प्राकृतिक पदार्थ न केवल गर्मी से बचने के लिए बेहतरीन उपाय हैं, बल्कि ये कब्ज आदि जैसे को दूर करने में भी लाभदायक हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर लगी रेहड़ी व दुकानों पर इनकी भरमार है। ठंडे पेय पदार्थ बेच रहे दुकानदारों का कहना है कि एक सप्ताह से कारोबार में 50 फीसद तक बढ़ोतरी हुई है।