संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरोही स्कूल ग्योंग में विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला के मार्गदर्शन में हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने टिक-टैक-टो खेल के माध्यम से विद्यार्थियों के शब्द-भंडार को विकसित करने के लिए भाषायी खेल का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में तेजस्वनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि रेमनदीप दूसरे और कृतिका तीसरे स्थान पर रहीं।
डॉ. चावला ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विद्यालयी शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुसार भाषा शिक्षण बहुआयामी, आनंददायक और अनुभव-आधारित होना चाहिए। शब्दावली विकास तथा भाषा प्रयोग को विद्यार्थियों की संप्रेषण क्षमता वृद्धि का आधार माना गया है। इसी दृष्टि से भाषा शिक्षण को खेल-आधारित एवं सीखने को आनंदमय बनाने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शब्दावली का विकास केवल नए शब्दों के ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझ, अभिव्यक्ति, चिंतन और संप्रेषण क्षमता को गहराई प्रदान करता है। शब्दावली भाषा सीखने की रीढ़ है और यह समग्र व्यक्तित्व विकास में भूमिका निभाती है।
डॉ. चावला ने बताया कि यह भाषाई खेल दो चरणों में समूहगत तरीके से आयोजित किया गया। पहले चरण में रेमनदीप, महक, अंकिता, नंदिनी, तेजस्वनी, प्रीति, जशनदीप, प्रिंस, कृतिका और अंकिता रंगा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरे राउंड में प्रवेश किया। दूसरे राउंड में सर्वाधिक शब्द बनाकर तेजस्वनी प्रथम, रेमनदीप दि्वतीय और कृतिका तृतीय रही। उन्होंने कहा कि भाषा शिक्षण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वही सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के पर्याप्त अवसर प्रदान करता है।