संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/ढांड। जिले के ढांड क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी की जन्मतिथि दस्तावेजों में बढ़ाकर जबरन शादी कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों शादी करने वाला युवक, एक युवती और आधार केंद्र संचालक (जो पार्षद प्रतिनिधि भी है) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि किशोरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट से लेकर हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा के आदेशों तक, पूरे मामले की जांच एक ही जांच अधिकारी ढांड थाना के सब-इंस्पेक्टर जोगिंद्र ने की।
ऐसे खुला मामला:
ढांड थाना क्षेत्र की एक महिला ने 30 जुलाई 2023 को शिकायत दी थी कि उसकी बड़ी बेटी अपनी छोटी बहन को स्कूल छोड़ने गई थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। परिजनों की तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
काफी समय बाद परिजनों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा देने संबंधी नोटिस मिला। तब उन्हें बेटी की शादी की जानकारी मिली। परिजनों ने अदालत में बेटी के नाबालिग होने की जानकारी दी, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर पुलिस जांच शुरू हुई।
जांच में सामने आया कि शादी के लिए किशोरी के आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में जन्मतिथि बढ़ाई गई थी। यह काम ढांड नगर परिषद कार्यालय स्थित आधार सेवा केंद्र से हुआ, जिसे वीरेंद्र उर्फ विक्की धीमान चला रहा था। वह नगर परिषद की मौजूदा महिला पार्षद का पति और पार्षद प्रतिनिधि है।
जांच के दौरान युवक मोनू (निवासी बलवंती गांव) ने स्वीकार किया कि उसने शादी के लिए किशोरी के दस्तावेजों में हेराफेरी करवाई। इसमें जाखौली निवासी युवती सुमन ने उसका साथ दिया।
तीनों आरोपियों—मोनू, सुमन और विक्की धीमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। किशोरी को फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से नारी निकेतन करनाल में रखा गया है।
वर्जन:
डीएसपी मुख्यालय वीरभान ने बताया कि आधार और शैक्षणिक दस्तावेजों में हेराफेरी बेहद गंभीर अपराध है। इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जांच अभी जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।