संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। 50 साल पुरानी महादेव कॉलोनी की गली नंबर 10 के निवासियों को पिछले डेढ़ वर्ष से प्रॉपर्टी आईडी के विवाद के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब डेढ़ साल पहले नगर परिषद की यूएलबी वेबसाइट पर गली नंबर 10 की सभी प्रॉपर्टी आईडी को अचानक अवैध दिखाया गया, जबकि यह पूरी तरह वैध कॉलोनी है।
इस स्थिति से गली में रहने वाले 70 से 80 परिवार असमंजस और चिंता में हैं। कॉलोनी वासियों का कहना है कि यह समस्या वास्तविकता से परे है और प्रशासनिक त्रुटि का परिणाम है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। महादेव कॉलोनी, गली नंबर 10 के निवासियों ने नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग और कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी को ज्ञापन सौंपा। इसमें निवासियों ने स्पष्ट किया कि कॉलोनी पूरी तरह वैध है और गली नंबर 10 पहले से ही अधिकृत क्षेत्र में शामिल रही है।
वार्ड 31 के पार्षद विकास ने कहा कि यह मामला केवल एक गली तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम शहरी नागरिकों की समस्याओं का प्रतीक है, जो तकनीकी खामियों के बीच पिसते जा रहे हैं।
समान परिस्थितियों में गली नंबर 9 वैध
ज्ञापन में निवासियों ने यह भी बताया कि गली नंबर 9, जो गली नंबर 10 से सटी हुई है और जहां परिस्थितियां, सुविधाएं और भू-स्थिति लगभग समान हैं, उसे यूएलबी वेबसाइट पर वैध दिखाया जा रहा है। वहीं गली नंबर 10 की सभी प्रॉपर्टी आईडी को अवैध कैसे दिखाया जा रहा है, यह अस्पष्ट है।
पुरानी सीमा के अंदर आने वाली कॉलोनियों की प्रॉपर्टी आईडी की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। इस सूची में उन सभी प्रॉपर्टी आईडी को शामिल किया जाएगा, जो तकनीकी त्रुटि के कारण अवैध दिखाई दे रही हैं, जबकि वास्तव में वैध हैं। सूची तैयार होने के बाद सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। -सुरभि गर्ग, अध्यक्ष- नगर परिषद