कैथल। शिक्षक दिवस केवल सम्मान का दिन नहीं बल्कि उन शिक्षकों को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने कक्षा की चहारदीवारी से आगे बढ़कर शिक्षा के प्रति समाज का भरोसा मजबूत किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगरी-गुलियाना में प्राध्यापक कुलदीप सिंह ने सरकारी स्कूल में अपने ही बच्चों का दाखिला करवाकर उदाहरण पेश किया और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने में योगदान दिया। वहीं तीन दशक से अधिक समय तक सरकारी सेवा देने वाले डॉ. राजा सिंह झींजर को उनकी शिक्षा सेवाओं के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।
सरकारी स्कूल में करवाया अपने बच्चों का दाखिला
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सौंगरी-गुलियाना में प्राध्यापक कुलदीप सिंह की पहल ने सरकारी शिक्षा के लिए ग्रामीणों का भरोसा मजबूत करने में भूमिका निभाई। उन्होंने सबसे पहले अपने दोनों बच्चों का दाखिला इसी सरकारी स्कूल में करवाया। इसके बाद अन्य शिक्षकों और गांव के लोगों ने भी अपने बच्चों को यहां पढ़ाना शुरू किया। इसका असर स्कूल की छात्र संख्या पर भी दिखाई दिया। कुलदीप सिंह ने 5 जनवरी 2011 को जेबीटी शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की। 24 अगस्त 2012 को राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता बने। वर्ष 2016 में सौंगरी-गुलियाना स्कूल से जुड़े और 2016 से 2022 तक स्कूल प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनका जोर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और अभिभावकों के साथ बेहतर समन्वय पर रहा। वर्ष 2016-17 में स्कूल में 248 विद्यार्थी थे। इसके बाद संख्या लगातार बढ़ती गई। 2017-18 में 294, 2018-19 में 379, 2019-20 में 402, 2020-21 में 446, 2021-22 में 497 और 2022-23 में 534 विद्यार्थी हुए। 2023-24 में संख्या 597 और 2024-25 में 599 रही। 2025-26 में यह बढ़कर 651 और 4 सितंबर 2026 तक 655 हो चुकी है।
पढ़ाई के साथ खेलों में भी पहचान
सौंगरी-गुलियाना स्कूल ने शिक्षा के साथ खेलों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। विद्यालय में कबड्डी और फेंसिंग की खेल नर्सरी चल रही हैं। वर्ष 2025-26 में 40 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक हासिल किए। एनएमएमएस परीक्षा में भी विद्यार्थियों ने जिले में बेहतर प्रदर्शन किया। 2024-25 में 10वीं और 12वीं के 13 विद्यार्थियों ने मेरिट हासिल की। इनमें 16 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। स्कूल के विकास में ग्रामीणों की भागीदारी भी रही है। गेट, कमरों और अन्य कार्यों के लिए गांव की ओर से 30 लाख रुपये से अधिक का सहयोग किया गया है।
30 साल से अधिक सेवा के बाद मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार
शिक्षक दिवस पर पूर्व शिक्षक डॉ. राजा सिंह झींजर को भी सम्मान मिलेगा। गांव पीड़ल निवासी झींजर ने 30 वर्ष 8 माह से अधिक की सरकारी सेवा की। उन्होंने गुहला उपमंडल के छह सरकारी स्कूलों में सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के समय वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हरिगढ़ किंगन में कार्यरत थे। उन्हें वर्ष 2024 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। 5 सितंबर को चंडीगढ़ में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में उन्हें सम्मान पत्र, सिल्वर मेडल, शाल और नकद पुरस्कार दिया जाएगा। झींजर के पास पांच विषयों में मास्टर डिग्री और डॉक्टरेट की उपाधि है। उनके कार्यकाल में विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम और सर्वांगीण विकास पर जोर रहा। शिक्षा के अलावा समाजसेवा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी रही। उन्हें पूर्व में राज्यपाल की ओर से विभिन्न सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
प्राध्यापक राजा सिंह झींजर। स्वयं
प्राध्यापक राजा सिंह झींजर। स्वयं
प्राध्यापक राजा सिंह झींजर। स्वयं