बायोमैट्रिक मशीनें जिले के कई स्कूलों के लिए जी-का-जंजाल बनी हुई हैं। करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी आजतक इस मशीन से टीचरों की हाजिरी नहीं लग पाई है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौ बायोमैट्रिक मशीनें एक महीने पहले आई थीं। इसके बाद केवल एक ही दिन मशीन में स्टाफ की हाजिरी लगी है। मशीनें अब तक कंप्यूटर से जुड़ नहीं पाई हैं।
प्रिंसिपल जनक नरूला ने बताया कि उसके पास स्कूल में 59 लोगों का स्टाफ है। केवल एक दिन ही हाजिरी मशीन से लगी है। मशीन कंप्यूटर में अपलोड नहीं हो रही है।
बायोमैट्रिक मशीन में हाजिरी न लगने के कारण अध्यापिकाओं को वेतन कटने का डर सता रहा है। अध्यापिकाओं ने बताया कि वे लगातार स्कूल में आ रही हैं। मशीन में हाजिरी नहीं लग रही है। रजिस्ट्रर की हाजिरी को ई-मेल से भेजा जा रहा है। मशीन में आई तकनीकी समस्या से भी विभाग को अवगत करवा दिया गया है। फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है।
इस संबंध में उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि उनके पास अब तक लिखित शिकायत नहीं आई है। गांव के स्कूलों में बिजली व इंटरनेट की समस्या संबंधी शिकायतें आ रही हैं। उनका समाधान किया जा रहा है। अगर ऐसी कोई समस्या है तो उसका हल कर दिया जाएगा।