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राज्यमंत्री को ज्ञापन देने पहुंचे शिक्षक, नहीं मिलने पर घर के बाहर बैठे

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teacher protest - फोटो : Kaithal
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कोर्ट द्वारा बर्खास्त 1983 पीटीआई शिक्षकों ने बहाली की मांग लेकर जिला सचिवालय से लेकर पिहोवा चौक से होते हुए सरकार के खिलाफ थाली बजाकर नारेबाजी के कर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के निवास पर ज्ञापन देने पहुंचे। राज्यमंत्री निवास पर न मिलने के कारण पीटीआई शिक्षक भड़क उठे और सुबह 11 बजे से सांय 4 बजे तक भीषण गर्मी में सड़के पर ही धरना दिया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांय के समय मंत्री को ज्ञापन देकर ही अध्यापक लौटे। इस दौरान कई अध्यापिकाएं बेहोश हो गईं। अध्यापकों ने कड़ी धूप से बचने के लिए चादर से छांव करके रखी।
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शनिवार को न्यायालय द्वारा बर्खास्त किए गए पीटीआई शिक्षकों का 20 वें दिन भी धरना जारी रहा। बता दें कि पिछले 20 दिन से पीटीआई शिक्षक बहाली की मांग को लेकर जिला सचिवालय में तंबू लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई विचार नहीं किया है। शनिवार को पीटीआई शिक्षकों ने राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को ज्ञापन देने के लिए थाली बजाकर नारेबाजी करते हुए उनके निवास पर पहुंचे। जहां पर पहले से ही मौजूद पुलिस प्रशासन द्वारा मंत्री के निवास को दो प्वाइंट बनाकर घेर लिया था। ताकि शिक्षक मंत्री के निवास तक न पहुंच सके। जब शिक्षक मंत्री को ज्ञापन देने के लिए आए तो पुलिस प्रशासन ने बीच गली में जिप्सी लगाकर बैरिकेट बनाए गए। सीटी थाना एसएचओ नन्ही देवी ने पीटीआई शिक्षकों को मंत्री निवास पर न होने से शाम को छह बजे मिलाने का आश्वसन दिया। शिक्षकों ने एसएचओ की बात को नकारते हुए मंत्री के खिलाफ थाली बजाते हुए नारेबाजी व धरना जारी रखा। इसके बाद नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों की बात भी सुनने से इंकार कर दिया।
पड़ोस के घर से मिला सहयोग -पीटीआई शिक्षकों का मंत्री निवास के जारी धरने में अधिक गर्मी होने के कारण इंद्रा नामक पीटीआई की तबीयत खराब हो गई और चक्कर आकर गिर पड़ी। कुछ अन्य पीटीआई अध्यापिकाओं ने उसे पानी पिलाया और उसके लिए साथ लगते पड़ोस के मकान से एक महिला से चादर और पंखा लेकर उस पर शिक्षकों ने छाया की और बाद में पंखा व कूलर से हवा दी गई। जिसके कुछ समय बाद शिक्षिका की तबीयत में सुधार नजर आया। धूप से बचने के लिए शिक्षकों ने नारे लिखे तख्ती, गत्तों व थालियों से सिर को ढंापकर बचने की कोशिश करते नजर आए।
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मंत्री निवास का नहीं पीया पानी: लघु सचिवालय धरने स्थल से ही तख्तियां, दरी, तिरपाल, पानी के कैंपर व डिस्पोजल गिलास रेहड़ी में रखकर साथ लेकर आए थे। मंत्री निवास पर पहुंचते ही शिक्षकों ने कहा कि किसी भी शिक्षक को मंत्री के घर का पानी तक नहीं पीना है। सभी शिक्षकों ने इस पर कायम रहे और अंत तक राज्यमंत्री के निवास का पानी नहीं पीया।
राज्यमंत्री ने ज्ञापन पहुंचाने का दिया आश्वसन: शाम सवा चार बजे जैसी ही राज्यमंत्री कमलेश ढांडा पीटीआई शिक्षकों के बीच ज्ञापन लेने पहुंची तो पीटीआई शिक्षकों ने मंत्री के पहुंचते ही तल्ख तेवरों के साथ मंत्री से सवाल जवाब करने शुरू कर दिए। महिला शिक्षक ने मंत्री से सवाल किया कि महिला मंत्री होते हुए भी महिलाएं सड़क पर हैं। मंत्री ने उसके सवाल पर चुप्पी साधे रखी। पीटीआई शिक्षकों ने राज्यमंत्री से छह जुलाई को होने वाली विधायक मीटिंग में उनकी आवाज उठाने की मांग कि लेकिन मंत्री ने शिक्षकों से ज्ञापन देने की बात कही और उनके ज्ञापन को पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस बीच कुछ शिक्षक नारेबाजी करने लगे तो कई अध्यापकों ने उन्हें रोक दिया।

teacher protest- फोटो : Kaithal

teacher protest- फोटो : Kaithal

teacher protest- फोटो : Kaithal

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