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कोरोना पीड़ितों की टीबी जांच भी होगी

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में अब कोरोना से पीड़ित व्यक्तियों की टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही जो मरीज टीबी से पीड़ित हैं, उनकी कोरोना संक्रमण के लिए जांच की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा अगस्त 2021 तक टीबी और कोरोना के मामलों का पता लगाने के प्रयास तेज करने और बेहतर निगरानी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित रोगी में क्षय रोग विकसित होने की ज्यादा संभावना रहती है। प्रत्यक्ष प्रमाण न होने के बावजूद कोरोना रोगियों में ब्लैक फंगस और क्षय रोग दोनों प्रकार के संक्रमण माने गए हैं। टीबी का जीवाणु सुप्त अवस्था में मानव शरीर में मौजूद रह सकता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के चलते कई गुणा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति का शरीर कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
डॉ. शैली ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 2019 में टीबी के करीब 26.4 लाख पीड़ित पाए गए हैं। इसका अर्थ यह है कि 1 लाख लोगों में 193 टीबी के रोगी मिल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के प्रतिबंधों के कारण 2020 में संक्रमण के मामले करीबन 25 फीसदी कम सामने आए।
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सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना और टीबी दोनों संक्रामक बीमारियां हैं और फेफड़ों पर हमला करती हैं। दोनों से पीड़ित रोगी बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों से पीड़ित दिखते हैं। टीबी से पीड़ित व्यक्ति की शुरुआत की रफ्तार धीमी होती है, लेकिन संक्रमण की अवधि लंबी होती है। इसके उलट कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज होती है। इन कारणों के चलते केंद्र और राज्य सरकार ने सभी कोरोना पीड़ितों में टीबी की जांच की सिफारिश की है।
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