जिलेभर में बुधवार को ईद का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता की, लेकिन इबादत करते समय कोरोना महामारी को लेकर जारी हिदायतों का पालन किया गया। इस दौरान दो गज की दूरी का पालन किया और मास्क लगाया। मस्जिदों में 50-50 लोगों को ही नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
बता दें कि जिले में विभिन्न स्थानों पर स्थापित मस्जिदों में केवल केवल 50 लोगों को ही नमाज अता करने की अनुमति दी गई थी। जिन्होंने नमाज अता कर देश और विश्व की सुख शांति की कामना की। सिरटा रोड स्थित मदनी मदरसा व ईदगाह के संचालक मौलाना सईद उर रहमान ने कहा कि विश्व में पिछले वर्ष आई कोरोना महामारी ने धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई है। देश में अप्रैल-मई में आई कोरोना की दूसरी लहर खत्म हुई है। उसके बावजूद उन्होंने मुस्लिम समाज से ईदगाह में कम संख्या में पहुंच नमाज अता करने की गुजारिश की थी। जिले में मुस्लिम समाज के सभी लोगों ने ईदगाहों के मौलाना द्वारा कोरोना महामारी को लेकर जारी हिदायतों का पालन करने का भी आह्वान किया गया। जिसके बाद सभी ने मौलाना की मानी और सीमित संख्या में पहुंचकर नमाज अता की। मौलाना ने कहा कि ईद के पावन अवसर पर अल्लाह से यही दुआ की गई है कि वह पूरे विश्व को कोरोना महामारी से जल्द ही निजात दिलाए, ताकि सब कुछ पहले की तरह ही ठीक हो जाए। मौलाना ने कहा कि मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी है हम हिंदुस्तान हमारा। जिले में सिरटा रोड, सीवन गेट, पूंडरी, सीवन और कबूतर चौक स्थित ईदगाह में सुबह के समय नमाज अता की गई।