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Kaithal News: 9 साल में 5 गुना तक बढ़ाई कैथल में टीबी के मरीजों की जांच

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मरीजों की जांच करते हुए विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल। संवाद
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी जैसी जानलेवा बीमारी को खत्म करने के लिए जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभाग की ओर से पिछले नौ साल में टीबी के सैंपल की संख्या पांच गुना तक बढ़ाई गई है। 2017 तक जहां हर साल करीब 10 हजार नमूनों की जांच हो रही थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 50 हजार के करीब पहुंच गया है। 2026 में 31 जुलाई तक 29 हजार लोगों के टीबी नमूने की जांच की गई।
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जिले में वर्तमान में 1290 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। पिछले साल 2025 में जिले में 2500 टीबी मरीज मिले थे।

10 केंद्रों पर लगी ट्रूनेट मशीनें
जिले में टीबी की जांच के लिए 10 ट्रूनेट मशीनें लगाई गई हैं। ये उपमंडल अस्पताल गुहला व कलायत, जिला नागरिक अस्पताल कैथल, सीएचसी सीवन, राजौंद, पूंडरी व कौल और पीएचसी हाबड़ी, देवबन और पाई में स्थापित हैं। इनसे बलगम के सैंपल की जांच की जाती है। जिला नागरिक अस्पताल में एक सीबी-नैट मशीन पहले से उपलब्ध है। अब विभाग इन मशीनों के माध्यम से टीबी संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसके अलावा तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीन भी हैं और इनके माध्यम से अगर किसी का एक्स-रे रिपोर्ट असामान्य मिलती है तो उसकी बलगम की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि संदिग्ध को टीबी तो नहीं है।

पिछले 10 वर्षों में लिए गए टीबी की जांच के लिए सैंपल
वर्ष
जांचे गए सैंपल
2017 10504
2018
10667
2019
10016
2020
8928
2021
11308
2022
20671
2023
27141
2024
32914
2025 46491
2026 (जुलाई तक)
29000
पिछले कुछ वर्षों में टीबी के सैंपल की जांच बहुत बढ़ गई है। ट्रूनेट मशीनों के आने से इसमें और इजाफा हुआ है। आने वाले समय में टीबी की जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है, ताकि समय रहते टीबी के मरीजों की पहचान और उनका इलाज संभव हो सके।
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- डॉ. संदीप बात्तिश, उप सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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मरीजों की जांच करते हुए विशेषज्ञ डॉ. राजीव मित्तल। संवाद

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