संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इंदिरा गांधी (पीजी) महिला महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद यूथ सेल की ओर से स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में कानूनी सहायता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के साथ समझाया गया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सदा सर्तक रहें।
यह शिविर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं को साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, लैंगिक समानता, नशा निषेध कानून, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विनय गुप्ता ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया फ्रॉड और नशा मुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की। साथ ही बताया कि किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या या तनाव की स्थिति में छात्राएं सरकारी अस्पताल के कक्ष संख्या-36 में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकती हैं। एएसआई विनोद कुमार ने साइबर क्राइम और साइबर सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल्स, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने छात्राओं से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आह्वान किया।
डीएलएसए की पैनल अधिवक्ता मीनाक्षी शर्मा ने नशा निषेध कानून, किशोर न्याय अधिनियम-2015 और बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी देते हुए इनके सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
प्रो. सुदेश ने किशोर न्याय अधिनियम-2015 के अंतर्गत बच्चों के संरक्षण, सुधार और पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि प्रो. रितिका ने साइबर क्राइम और उसके समाधान से संबंधित पहलुओं पर छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान राम बहादुर खुरानिया ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता शिविर युवाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाते हैं तथा समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। प्राचार्या डॉ. आरती गर्ग ने कहा कि आज के डिजिटल युग में छात्राओं के लिए कानून और साइबर सुरक्षा की जानकारी अत्यंत आवश्यक है।
वहीं सायंकालीन सत्र की प्राचार्या प्रभारी श्वेता तंवर ने छात्राओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त प्राध्यापक वर्ग एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।