कलायत। ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय महाविद्यालय कलायत में संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा मां के स्मृति दिवस पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनके 60वें स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बीके बहन रेखा ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की।
उन्होंने कहा कि संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी का जीवन स्नेह और शक्ति का अवतार था। उनका जीवन सादगी संपन्न था। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। मातेश्वरी सदा निश्चिंत और निर्भय रहती थी। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी का व्यक्तित्व पारदर्शी था। वो सदा ही तपस्वीमूर्त बनकर रहीं। दुनिया की कोई भी चीज उनको आकर्षित नहीं कर सकी।
उन्होंने बताया कि सन 1920 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जन्मी मां जगदंबा ने 24 जून 1965 को अपनी नश्वर देह का त्याग किया। 16 वर्ष की छोटी आयु से ही आपने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वरीय सेवा में समर्पित किया। सत्यता, ईमानदारी, वफादारी, जिम्मेवारी और कर्तव्यनिष्ठा जैसे महान गुणों ने आपको विशेष बना दिया। इस मौके पर अनीता, बीके ऋतु, बबिता, रणबीर राणा, सुनम, राजेंद्र, धर्मवीर, राखी, रामनिवास, सोनू, बंटी मौजूद रहे । संवाद