संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों में वितरित टैबलेट की वर्तमान स्थिति को एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने की अंतिम तिथि 2 दिसंबर निर्धारित है, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते पूरा काम अधर में लटक गया है। विभाग की ओर से विकसित किए गए नए ‘करंट टैब स्टेटस मॉड्यूल’ का लिंक स्कूलों में खुल ही नहीं पाया, जिसके कारण पूरे जिले में कहीं भी टैबलेटों की स्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सकी है।
जिले में 26,455 छात्र-छात्राओं के पास टैबलेट हैं। पोर्टल पर यह दर्ज करना था कि किस स्कूल के पास कितने टैबलेट हैं, उनमें से कितने चालू हैं, कितने खराब हैं और कितनों को मरम्मत की जरूरत है। लेकिन लिंक ठप रहने के कारण कोई भी स्कूल यह रिपोर्ट अपलोड नहीं कर पाया है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को टैबलेट स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए थे ताकि डिजिटल डिवाइस की वास्तविक उपलब्धता, भविष्य की योजनाओं, मेंटेनेंस, वितरण तथा ऑडिट प्रक्रिया में स्पष्टता मिल सके। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को 2 दिसंबर तक यह कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करवाने को कहा था। लेकिन लिंक न चलने से यह लक्ष्य अधूरा रह गया है, जिससे छात्र और अध्यापक दोनों परेशान हैं।
सफेद हाथी बन गए 1422 टैबलेट-डिस्प्ले टूटी, बैटरी खराब
सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर टैबलेट वितरित किए थे, लेकिन जिले के विभिन्न स्कूलों में 1422 टैबलेट अब ‘सफेद हाथी’ बन चुके हैं। कई टैबलेटों के डिस्प्ले टूट चुके हैं, कई की बैटरी खराब हो गई है या डिवाइस पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है। कुछ छात्रों ने टैबलेट गुम होने की जानकारी भी स्कूलों को दी है, जिससे विभाग को सीधा नुकसान हो रहा है।
राजकीय स्कूल जखौली अड्डा के एक छात्र ने बताया कि उसे मिला टैबलेट अब पूरी तरह खराब है, जिसके कारण डिजिटल पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
टैबलेट के फायदे
ई-बुक, वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन कोर्स और सिमुलेशन आसानी से उपलब्ध
एक ही डिवाइस में कई विषयों की सामग्री
किताबों का बोझ कम
क्विज़, गेम-बेस्ड लर्निंग और 3D मॉडल से पढ़ाई रुचिकर
नई जानकारी तुरंत मिलती है
डिजिटल टूल्स, टाइपिंग और ऑनलाइन रिसर्च सीखने में मदद
टैबलेट के नुकसान
अधिक स्क्रीन टाइम से आंखों में दर्द, सिरदर्द, नींद की समस्या
गेम और सोशल मीडिया से पढ़ाई से ध्यान भटकने की आशंका
डिजिटल लिखाई बढ़ने से हैंडराइटिंग अभ्यास कम
गलत वेबसाइट, वायरस और ऑनलाइन ठगी का जोखिम
वर्जन
जिला विज्ञान विशेषज्ञ छतर पाल ने बताया कि विभाग ने टैबलेट की स्थिति एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए थे और अंतिम तिथि 2 दिसंबर निर्धारित की गई थी। लेकिन पोर्टल लिंक न खुलने के कारण यह कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग तिथि को आगे बढ़ाएगा।