01 ढांड 01 गीता के श्लोक का उच्चारण करते हुए छात्र एवं शिक्षक।
ढांड। बाबू अनंत राम जनता महाविद्यालय कौल में प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने कहा कि भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन-पथ का उज्ज्वल प्रकाश है। यह मनुष्य को आत्मबल, कर्तव्यनिष्ठा, सदाचार और मानवीय मूल्यों की दिशा दिखाती है।
उन्होंने बताया कि सामूहिक गीता पाठ के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने गीता के आदर्शों और उपदेशों को आत्मसात कर जीवन में उतारने का संकल्प लिया। प्राचार्य ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जो वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यकता है।
इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की प्रेरणा एवं पावन सान्निध्य में आयोजित वैश्विक गीता आह्वान के अंतर्गत रविवार को सुबह 11 बजे ‘जो जहाँ है, वहीं से एक साथ एक मिनट गीता पाठ’ अभियान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रांगण में प्राचार्य, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी इस पावन अभियान से भावनात्मक रूप से जुड़े।
सभी प्रतिभागियों ने एक भाव और एक स्वर में भगवद्गीता के तीन चुनिंदा श्लोक—प्रथम अध्याय, नवम अध्याय और अठारहवें अध्याय—का सामूहिक उच्चारण किया। सामूहिक पाठ के दौरान परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण से भर उठा। माहौल भक्तिभाव पूर्ण दिखा। संवाद