संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को जिलेभर के नौ हजार 865 घरों व दुकानों में मच्छरों के लार्वा की जांच की। इस दौरान अलग-अलग टीमों को 14 जगहों पर लार्वा मिला। सभी संबंधित मालिकों को नोटिस दिया व साफ-सफाई को लेकर जागरूक किया।
वहीं, 15 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर डेंगू जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट वीरवार को आएगी। अब तक 1735 संदिग्ध मरीजों के डेंगू के सैंपल लिए गए हैं। उधर, अब तक जिले में 10 लाख 35 हजार 187 घरों की जांच की जा चुकी है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि इन दिनों में डेंगू बीमारी के बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि डेंगू की जांच एलाइजा विधि से ही प्रामाणिक मानी जाती है। जो जिला अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त की जाती है। जिला नागरिक अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। निजी लैब में भी डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
डेंगू बुखार का पहला संकेत
डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू के चेतावनी संकेतों में पेट में तेज दर्द, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई आदि लक्षण शामिल है। आपकी नाक, मसूड़ों, उल्टी या मल में खून आता है तो डॉक्टर से संपर्क करें।