संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। सूर्य को राशि चक्र पूरा करने में करीब एक साल लगते हैं। 12 महीने बाद मंगलवार को सूर्य फिर पुत्र शनि की राशि मकर में पहुंचेंगे। इससे धन, वैभव, आत्मा के कारक सूर्य कई राशि के लोगों को अपना आशीर्वाद देंगे कुछ को भाग्य का अच्छा साथ नहीं मिलेगा।
गौरतलब है कि मकर राशि में सूर्य का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता है। सूर्य की शत्रु राशि है। इस राशि में सूर्य का परिणाम अनुकूल स्थिति में रहने के बावजूद उनका फल ठीक नहीं माना जाता। सूर्य से हमें शक्ति प्राप्त होती है और सूर्य के कारण ही नेतृत्व की क्षमता मजबूत होती है।
सूर्य ग्रहों के राजा हैं और पिता के कारक होते है। सूर्य के मकर में गोचर होने से आमजन पर क्या प्रभाव रहेंगे इस विषय को लेकर पंडित विशाल शांडिल्य से बात की गई तो उन्होंने बताया की सूर्य को ग्रहों का राजा कहते हैं। सूर्य पिता, राजनीतिक, आत्मा प्रकाश, आकर्षण शक्ति, हड्डी का कारक होते है। सूर्य सिंह राशि के स्वामी है और मेष राशि में उच्च के होते हैं। गोचर का अर्थ ग्रहों की चाल से हैं। जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता हैं तो इस प्रक्रिया को गोचर कहते हैं। ग्रहों के गोचर का देश-दुनिया के साथ व्यक्ति के जीवन पर भी बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अवधि में राशि परिवर्तन करते रहते हैं। जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता हैं।
शांडिल्य ने बताया की सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 14 जनवरी को सूर्य शनि की राशि मकर में गोचर करेंगे। यह गोचर महत्वाकांक्षा, कॅरियर में उन्नति और जबरदस्त आर्थिक उन्नति को लेकर आएगा। इस अवधि में सूर्य उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र के सभी चरणों से गुजरेंगे। साथ ही 12 साल बाद सूर्य और गुरु का नवम पंचम योग भी बनेगा। यह शुभ संयोग कई राशियों के लिए आर्थिक समृद्धि का संकेत देता है।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर कुंभ, सिंह, कन्या और मिथुन राशि के जातकों को आकस्मिक नुकसान, शारीरिक रोग, कारोबार में घाटा, विदेश यात्रा में रुकावट, पेट संबंधी रोग होने की आशंका बनी रहेगी। वृश्चिक, धनु, मकर व मीन राशि वाले जातकों को सुखद परिणाम मिलेंगे। नए साल में मूलांक सात वालों का कॅरियर तथा भाग्य उड़ान भरेगा।