कैथल। मलयेशिया में होने वाले सुल्तान जौहर कप में हिस्स लेने वाली भारतीय टीम में गांव हाबड़ी हॉकी अकादमी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुखविंद्र प्रजापति का चयन हुआ है। इस पर जिले के हॉकी के अन्य खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। इसके साथ ही परिजनों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। यह जानकारी कोच सुरेंद्र प्रताप ने दी।
उन्होंने बताया कि सुखविंद्र हाफ लाइन के खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की यही दुआ है कि सुखविंद्र मलेशिया में जाकर अपना अच्छा प्रदर्शन करे और जिले का नाम रोशन करे। कोच ने बताया कि अब सुखविंद्र प्रजापति 19 से 26 अक्तूबर को मलयेशिया में होने वाले 12वें सुल्तान जौहर कप हॉकी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा आस्ट्रेलिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, ग्रेट ब्रिटेन व जापान देश की टीमें भाग लेंगी।
उन्होंने बताया कि भारतीय टीम का पहला मुकाबला 19 अक्तूबर शनिवार को जापान से, दूसरा मुकाबला 20 अक्तूबर को ग्रेट ब्रिटेन से, तीसरा मुकाबला 22 अक्तूबर को मलयेशिया से होगा। चौथा मुकाबला 23 अक्तूबर को आस्ट्रेलिया से, पांचवां मुकाबला 25 अक्तूबर को न्यूजीलैंड से होगा। मुकाबलों में जीतने वाली टीमों में से दो टीमें 26 अक्तूबर शनिवार को फाइनल मुकाबला खेलेंगी।
कोच सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुखविंद्र प्रजापति पिछले कई महीनों से बेंगलुरु स्थित हॉकी साई अकादमी में निरंतर सुबह शाम अभ्यास कर रहे हं।ै वहीं से उनका चयन हुआ है। वहीं से ही प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम के साथ मलेशिया रवाना होंगे।
परिवार में हैं सबसे छोटे ः सुखविंद्र चार भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता देवीलाल मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं। उनकी माता कमला देवी का वर्ष 2019 में निधन हो गया था। संवाद
खिलाड़ी सुखविंद्र की ये हैं उपलब्धियां
12वीं कक्षा के छात्र सुखविंद्र ने कहा कि उन्होंने हॉकी खेल की शुरुआत वर्ष 2016 में की थी। वह तब से लगातार गांव में बने हॉकी स्टेडियम पर कड़ा अभ्यास करते रहे हैं। इससे पहले भी वे सब जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा वह चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल कर चुके हैं। वह जूनियर विश्व कप में भाग ले चुके हैं। पिछले वर्ष ओमान में हुई पांचवीं एशिया कप हॉकी के फाइनल में भारत ने पाक पर शानदार जीत दर्ज की तो कैथल के हाबड़ी गांव में जमकर जश्न मना था। कोच सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि आर्थिक तंगी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हाबड़ी गांव निवासी हॉकी खिलाड़ी सुखविंद्र ने कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया और अपनी पहचान बनाई।