संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करनाल रोड स्थित शुगर मिल परिसर में मंगलवार शाम के समय शुगर मिल एसोसिएशन ने बैठक की। इस बैठक में अपनी मांगों को लेकर शुगर मिल के कर्मचारी एकजुट हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी। बैठक में प्रदेश भर से शुगर मिल कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत के दौरान उनकी 10 में चार मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार इन मांगों को पूरा करने से पीछे हट रही है। इस मौके पर शुगर मिल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को कैथल शुगर मिल में बैठक की है। गत 30 सितंबर को करनाल में बैठक हुई थी।
इसमें निर्णय लिया था मांगें न मानने पर आगे की रणनीति 18 अक्तूबर को पंचकूला में शुगर फेड कार्यालय का घेराव किया जाएगा। मांगें नहीं मानी तो यहां पर निर्णय लिया जाएगा। उनकी मुख्य रुप से 10 मांगें हैं। सरकार ने इसमें से चार मांगें मानी और इसे लागू करने का आश्वासन दिया।
सबसे पहले दैनिक वेतन में बढ़ोतरी, दूसरी 2016 में जारी किए गए नियम को लागू करने, रिटायरमेंट से पहले 180 से बढ़ाकर 300 छुट्टियां देने की मांग और कोई भी दुर्घटना होने के बाद उसके परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की मांग शामिल हैं। इन मांगों को प्रदेश सरकार समय रहते लागू करें।
कर्मचारी नेता सुरेश ने कहा कि कैथल में सहकारिता मंत्री का विरोध किया तो उन्होंने मांगों पर सहमति जताई। इसके बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है। अब कोई कड़ा निर्णय लेंगे, चाहे शुगर मिल क्यों न बंद करना पड़े। मांगें पूरी न होने की स्थिति में सीजन के समय शुगर मिल बंद करवाएंगे। इस मौके पर पवन कुमार करनाल सहित अन्य शुगर मिलों से कर्मचारी मौजूद रहे।