गत 30 जनवरी को गांव जांबा निवासी कृष्ण कुमार की मौत अचानक नहीं बल्कि कुरुक्षेत्र निवासी एक दंपति द्वारा हड़पी गई 10 लाख रुपये की राशि है। जो उसने गांव में अपनी एक ड़बड़ी (एक एकड़ का चौथाई हिस्सा) बेचकर जुटाई थी। यह राशि उसके बेटे को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी दिलवाने के नाम पर हड़पी गई थी। यह आरोप सोमवार को एसपी से मिलने के लिए आए कृष्ण के परिजनों एवं गांव के लोगों ने लगाए। एसपी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एसपी से मिलने के लिए पहुंचे गांव वासी सरपंच गुलाब सिंह, पूर्व सरपंच मनोज कुमार, पूर्व इनेलो जिला अध्यक्ष छज्जु राम, भाई रामकुमार सहित अन्य ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। मृतक के चचेरे भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि उसका चचेरा भाई कृष्ण गांव में खेती बाड़ी करता था। जिसकी 30 जनवरी को गांव में ही मौत हो गई थी। अब उसके कागजातों में से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए कुरुक्षेत्र निवासी उसकी रिश्तेदारी में एक दंपति एवं उसकी बेटी को जिम्मेवार ठहराया है।
अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि कुरुक्षेत्र में रह रहे उक्त दंपति ने उसके दोनों बेटों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। जिसके लिए दस लाख रुपये की मांग की। लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद फिर वे दोनों अपनी बेटी के साथ आए और कहा कि उनकी बेटी विश्वविद्यालय में नौकरी लग गई है। उनके बेटों को भी नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए 10 लाख रुपये लगेंगे।
उसने अपनी डबड़ी बेचकर दस लाख रुपये का प्रबंध किया। इसके बाद ना तो उसके बेटों की नौकरी ही लगी और ना ही पैसे दिए। जिस कारण उसकी मौत के लिए वे तीनों ही जिम्मेवार होंगे। मृतक के चचेरे भाई ने बताया कि सुसाइड नोट मिलने के बाद उन्होंने इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जांबा से एक व्यक्ति के परिवार के लोग मिलने के लिए आए थे। उन्होंने सुसाइड नोट दिखाया है। जो उसके कागजातों में मिला है। मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि उसकी लिखावट मृतक की लिखावट से मिलती है तभी जांच आगे बढ़ेगी। पहले अटैक से मौत होने की सूचना थी। अब सुसाइड नोट सामने आया है। मामले की जांच की जाएगी।
कृष्ण कुमार, एसपी, कैथल।