संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के पर्यटन प्रबंधन विभाग ने वीरवार को विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विश्व पर्यटन दिवस की थीम टूरिज्म एंड पीस, पर्यटन एवं शांति रही। इसके तहत पर्यटन प्रबंधन विभाग के छात्र-छात्राओं ने इस थीम से संबंधित पोस्टर और अन्य मॉडल्स के माध्यम से अपने कौशल को प्रदर्शित किया।
गौरतलब है कि हर साल विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। इस साल महाविद्यालय के अधिकतम स्टाफ की चुनाव ड्यूटी लगी होने के कारण इस साल का पर्यटन दिवस समारोह 10 अक्तूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया। पर्यटन का विश्व अर्थव्यस्था में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। मालदीव जैसे द्वीप समूह देशों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान 40 प्रतिशत तक रहता है। वि
भागाध्यक्ष अनिल ललित ने बताया कि हमारे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार में पर्यटन की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से अधिक है। राजस्थान जैसे राज्यों में यह 15 प्रतिशत से भी अधिक है। इसी विभाग में कार्यरत लखविंद्र सिंह ने बताया कि हमारे देश के घरेलू पर्यटन में धार्मिक पर्यटन का सबसे अधिक योगदान है। प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार भांबू ने विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शित मॉडल्स और पोस्टरों का अवलोकन किया। उन्होंने विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने संचार कौशल और व्यक्तित्व कौशल के विकास पर अधिक ध्यान देने को कहा।
उन्होंने बताया कि विश्व आर्थिक मंच के यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक 2024 में भारत की रैंकिंग बढ़कर 39 हो गई है। अप्रैल 2000-दिसंबर 2023 की अवधि में होटल एवं पर्यटन उद्योग में संचयी एफडीआई इक्विटी प्रवाह 17.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त कुल एफडीआई प्रवाह का 2.57 प्रतिशत था। पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग के विकास पर इंडिया ब्रांड इक्विटी
फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा और पर्यटन भारत में दो सबसे बड़े उद्योग
हैं, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 178 बिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान करते हैं।