कैथल। जिले में एक बार फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। ऐसे में अब यह वायु प्रदूषण का स्तर लोगों का दम घोट रहा है, जो सांसों पर संकट बन रहा है। शनिवार को दूसरे दिन भी वायु प्रदूषण से राहत नहीं मिल पाई है। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी यह वायु प्रदूषण का स्तर 300 से पार रहा है। यह 322 पर दर्ज किया गया है। धुंध के साथ ही बढ़ रहे स्मॉग के कारण अब सुबह व शाम के समय सड़कों पर धुंधलाहट दिखाई दे रही है।
विदित रहे कि शुक्रवार को एक्यूआई 316 दर्ज किया गया था, जो खतरनाक श्रेणी में आता है, लेकिन दूसरे दिन यह पहले ही अपेक्षा अधिक दर्ज किया गया है। जो काफी खराब श्रेणी में आता है। शाम होते ही एक बार फिर से धुंधलाहट होनी शुरू हो गई है। जबकि दिनभर हल्की धूप निकली रही।उधर, खेतों में गेहूं की बिजाई का कार्य जोरों पर है। किसानों ने पराली का प्रबंधन कर लिया है। अब किसानों की ओर से खेतों में फसल अवशेषों में आग लगाने के मामले कम हुए हैं। इसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में उतार चढ़ाव जारी है। कृषि उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने कहा कि जिले में किसान गेहूं बिजाई के कार्य में जुटे हुए है। गेहूं बिजाई के लिए यह उपयुक्त समय है। किसानों ने पराली का प्रबंधन कर लिया है। बीते 10 दिनों में जिले में पराली जलाने के महज दो ही मामले आए हैं।