संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से छात्राओं के लिए शुरू की गई विद्या वाहिनी बस सेवा पिछले करीब ढाई साल से बंद है। इन बसों का संचालन न होने से कॉलेजों की सैंकड़ों छात्राओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय में दो विद्या वाहिनी बसों को शुरू किया गया है। इन बसों के संचालन न होने से काॅलेज, कोचिंग सेंटर व सरकारी आईटीआई में जाने वाली करीब तीन हजार छात्राएं परेशान हो रही हैं। छात्राओं को पैदल ही बस स्टैंड से शिक्षण संस्थानों तक आना-जाना पड़ रहा है या फिर ऑटो में रोजाना ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
छात्राओं के लिए इन बसों की व्यवस्था जिला रेडक्राॅस सोसाइटी की ओर से करवाई गई थी, लेकिन फंड के अभाव में यह बंद हो गई। गौरतलब है कि इस बस सेवा को छात्राओं के लिए निशुल्क शुरू किया गया था। वहीं, विद्या वाहिनी बस सेवा के साथ ही स्थानीय बस सेवा का संचालन बंद किया गया है। ऐसे में छात्राओं के साथ यात्रियों को भी स्थानीय बस की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शहर में आरकेएसडी काॅलेज, आईजी काॅलेज, जाट काॅलेज और सरकारी आईटीआई है। यहां करीब तीन हजार छात्राएं इन बसों में सफर करती थीं। सरकारी काॅलेज बस स्टैंड से करीब छह किलोमीटर दूर गांव जगदीशपुरा में स्थित है।
यहां पर सबसे अधिक छात्राओं का आवागमन में परेशानी होती है। आईटीआई भी बस स्टैंड से लगभग चार किलोमीटर की दूरी है। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव रामजी लाल ने बताया कि अभी फिलहाल विद्या वाहिनी की जगह पर रोडवेज की बसों का संचालन हो रहा है। यदि सरकार की ओर से विद्या वाहिनी बस का संचालन करने के लिए कुछ आदेश आएंगे तो बससेवा को फिर से शुरू करने की कवायद की जाएगी।