संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नई शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालयों में चल रही आवेदन प्रक्रिया को लेकर विद्यार्थियों व अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी है। पोर्टल पर अपलोड की गई विषयों के समूह से लेकर पाठ्यक्रम की फीस तक को लेकर संशय बना है।
यही कारण है कि महाविद्यालयों में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों से अधिक पूछने वाले विद्यार्थियों व अभिभावकों की संख्या है। पांच दिन से चल रही आवेदन प्रक्रिया में शहर के प्रमुख कॉलेजों में प्रत्येक कॉलेज में 150 से 200 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। 19 मई से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया के शुरूआती दिनों में प्रदेश में आवेदन नाममात्र ही हुए ,हैं लेकिन अब आवेदन प्रक्रिया में तेजी आने लगी है।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी शेड्यूल के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 मई से शुरू हुई थी, जो नौ जून तक चलेगी। इसके बाद हालांकि आवेदन प्रक्रिया में तेजी आई लेकिन पोर्टल की रफ्तार बेहद धीमी रही। एक आवेदन में 15 से 20 मिनट तक का समय लग रहा था।
इन कारणों के अलावा नई शिक्षा नीति के तहत चल रही आवेदन प्रक्रिया को लेकर को लेकर बना असमंजस भी आवेदन प्रक्रिया के धीमा चलने का मुख्य कारण है। जिले के महाविद्यालयों में करीब 1500 आवेदन किए जा चुके हैं। विद्यार्थी महाविद्यालयों में स्थापित हेल्प डेस्क की मदद से पाठ्यक्रम, विषय संयोजन सहित फीस व जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लेकर आवेदन कर रहे हैं। शनिवार सुबह से ही महाविद्यालयों में आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों की चहल-पहल रही।
आरकेएसडी पीजी महाविद्यालय के प्रो. डॉ. अशोक ने बताया कि विद्यार्थियों में विषयों व फीस को लेकर असमंजस बना हुआ है। पहले कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स व बीकॉम पास कोर्स करवाए जाते थे। नई शिक्षा नीति के तहत अब ऑनर्स व पास कोर्स खत्म कर सीधे बीकॉम कर दिया है। विद्यार्थियों को समझाने के लिए तीन साल के कोर्स को पास कोर्स व चार साल को ऑनर्स कहा जा रहा है।
यूजी दाखिलों के लिए 447 छात्रों ने करवाया पंजीकरण
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज में अब यूजी दाखिलों के लिए 447 छात्रों ने पंजीकरण करवाया है। शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए चल रही स्नातक प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों की ओर से कॉलेज को पहली पसंद बना है। अब तक 447 छात्रों ने विभिन्न यूजी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण करवाया है। प्राचार्य डॉ. सत्यबीर मेहला ने इस पर खुशी जाहिर की है कहा कि छात्रों और अभिभावकों की ओर से दिखाया गया विश्वास कॉलेज की अकादमिक गुणवत्ता और क्षेत्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
डॉ. विकास भारद्वाज ने बताया कि ये पंजीकरण नई शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में हुए हैं। बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए आदि धाराओं में अनेक विषय संयोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्रों की सहायता के लिए डेस्क का गठन किया गया है, जो उन्हें पाठ्यक्रम चयन, फॉर्म सुधार और पोर्टल लॉगिन जैसी प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। संवाद