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पास के लिए पूरे साल की फीस दी, फिर भी दे रहे किराया

Fri, 02 May 2014 11:53 PM IST
अमर उजाला कैथ्ाल
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कैथल। स्कूल बच्चों के लिए सरकार द्वारा दी जा रही बस पास की सुविधा अब उनके लिए दुविधा बन गई है। विभाग द्वारा बस पास के लिए राशि तो पूरे साल की जमा करवाई जा रही है, लेकिन उन्हें बस पास न मिलने के कारण पूरा किराया देना पड़ रहा है। जिस कारण स्कूल-कॉलेजों के बच्चों के लिए यह समस्या बन गई है। विद्यार्थियों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर रोडवेज कर्मचारी कहीं भी उन्हें नीचे उतार देते हैं।
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मार्च और अप्रैल में खत्म हो जाते हैं पास
स्कूली बच्चों ने बताया कि वे रोडवेज में पूरे साल के लिए राशि देकर बस पास बनवाते हैं। लेकिन मार्च व अप्रैल के महीने में विद्यार्थियों के बस पास खत्म हो जाते हैं। इसके बाद बच्चे अगले साल के लिए पूरे साल की फीस स्कूल में जमा करवा देते हैं। इस रसीद को दिखाने के बावजूद बसों में उन्हें सफर करने की अनुमति नहीं मिल पाती। बच्चों का कहना है कि एक ओर तो रोडवेज के अधिकारी स्कूलों से सभी बच्चों के एक साथ फार्म भरकर लाने के आदेश देते हैं।

जिसके लिए स्कूलों में विद्यार्थियों के पैसे एकत्रित किए जाते हैं। बाद में इसे रोडवेज में जमा करवा दिया जाता है। लेकिन जब तक स्कूल के विद्यार्थियों को बस पास का पैसा ट्रेजरी में जमा नहीं होता है, तब तक स्कूल द्वारा दी जाने वाली रसीद को कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं मानता। ऐसे में पूरे साल के लिए जमा करवाई गई राशि के बावजूद उन्हें किराया देना पड़ रहा है।
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फीस देने के बावजूद दिक्कत
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सतीश कक्कड़ व स्कूल से बच्चों के बस पास बनाने का कार्यभार देखने वाले मनोहर लाल ने बताया कि रोडवेज द्वारा विद्यार्थियों को पूरे वर्ष का बस पास बनाया जाता है जिसके लिए विद्यार्थी पूरे वर्ष की फीस देते हैं। लेकिन मार्च व अप्रैल के महीनों में बस पास बनाने का कार्य होता है। पूरे वर्ष में इन दो महीनों की फीस भी होती है। इसके बावजूद बच्चों को इन महीनों में बस पास न बन पाने के कारण दिक्कतें आती हैं।

पैसा जमा करवाने की रसीद को नहीं मानता रोडवेज
विद्यार्थी राममेहर, अशोक कुमार, बलिन्द्र, रमन सिंह, सुशील कुमान, अनुज कुमार, ममता, काजल, कमलेश, सीमा, आरती और सिमरन ने बताया कि जब रोडवेज पूरे वर्ष के पैसे विद्यार्थियों से वसूल रहा है। जिसके फलस्वरूप विद्यार्थियों को दो महीने तक काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल द्वारा दी जाने वाली रसीद को रोडवेज कर्मचारी नहीं मानते है। विद्यार्थियों ने बताया कि जब वह स्वयं पास बनाने के लिए जाते हैं तो रोडवेज के कर्मचारी उन्हें स्कूल में फीस जमा करने के आदेश देते हैं।
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