कैथल। बीते एक सप्ताह से गर्मी की मार झेल रहे जिलावासियों को शुक्रवार का दिन राहत लेकर आया। शुक्रवार को दोपहर तक तो तापमान 43 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और यह दस डिग्री तक लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
तापमान में कमी से लोगों ने भारी राहत महसूस की। देर शाम को काली घटा छाने से बारिश होने की संभावना बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि पड़ोसी जिले कुरुक्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई। उधर, बरसात की आशंकाओं के चलते एक बार फिर से मंडियों में खुले आसमान में पड़े गेहूं के भीगने की आशंका के कारण आढ़तियों एवं किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
बीते एक सप्ताह से पड़ रही भारी गर्मी
पिछले करीब एक सप्ताह से जारी भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया था। शुक्रवार को भी सुबह के समय ही गर्म हवाएं चलना शुरू हो गई थीं। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल और कालेज जाने वाले बच्चों को पेश आ रही थी। गर्मी से दोपहर को शहर, बाजार और सड़कें मानों वीरान से हो गई थी।
शुक्रवार को दिन में 42 से 30 डिग्री पहुंचा पारा
दोपहर बाद करीब दो बजे तक गर्मी का प्रकोप रहा तथा तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। दोपहर के बाद अचानक आसमान में बादल छा गए। जिस के चलते तापमान में गिरावट आना शुरू हो गई। शाम तक तापमान गिरकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। जिससे लोगों को सूर्य की तपिश से आंशिक राहत महसूस हुई। शाम के समय लोग मौसम का आनंद लेने के लिए घरों से बाहर निकले तथा चिल्ड्रन पार्क एवं जवाहर पार्क में लोगों ने मौसम का लुत्फ उठाया।
मंडी में अब भी पड़ा है गेहूं का स्टॉक
मौसम में परिवर्तन के साथ ही आढ़तियों एवं किसानों की चिंताएं बढ़ गई। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार मित्तल ने कहा कि मंडी से अधिकतर गेहूं का उठान हो गया है। मंडी में इस समय करीब एक लाख कट्टे गेहूं के बचे हैं। जिनका शनिवार को उठान हो जाएगा। लेकिन यदि इसी बीच बरसात होती है तो भीगने के कारण नुकसान तो हो सकता है। क्योंकि आढ़ती पहले ही घटोतरी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि गेहूं भीग जाता है तो ज्यादा नुकसान हो सकता है। उधर, कुछ आढ़तियों ने कहा कि गेहूं खरीद हुए 15 दिन हो गए हैं। इसके बावजूद गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यदि बरसात होती है तो जो नुकसान होगा, उसके लिए आढ़ती जिम्मेवार नहीं होेंगे। एजेंसी अधिकारी जल्द से जल्द गेहूं का उठान करवाएं, क्योंकि 72 घंटे के बाद सारी जिम्मेवारी खरीद एजेंसियों की बनती है।
सब्जी उत्पादक किसानों ने ली राहत
सब्जी उत्पादक किसानों ने मौसम में आए बदलाव पर राहत की सांस ली है। क्योंकि गर्मी के कारण भिंडी, खीरा सहित अन्य फसलों पर काफी बुरा असर होने लगा था। अब तापमान में आई गिरावट से कुछ दिनों तक अवश्य राहत मिलेगी।
तापमान में गिरावट मानसून के लिए नुकसानदायक
बेशक तापमान में आई गिरावट से लोगों को राहत मिली हो। लेकिन यह गिरावट मानसून को प्रभावित कर सकती है। कृषि वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा के अनुसार, इस समय गर्मी का मौसम जरूरी है। तभी मानसून के लिए आवश्यक दबाव बनेगा। यदि इस समय बरसात होती है तो यह मानसून के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। उन्हाेंने बताया कि शुक्रवार को शाम को तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जो दिन में 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास था। आस-पास के जिलों में बरसात का असर तापमान पर देखने को मिला।
बदलते मौसम में बच्चों का रखें ख्याल : डॉक्टर
बाल रोग विशेषज्ञ डा. जसमेर सिंह का कहना है कि एकदम से मौसम में आए बदलाव से बच्चों में उल्टियां, दस्त लग जाते हैं। इसके अलावा बुखार, खांसी, जुकाम भी हो जाता है। बच्चों को मौसम के इस बदलाव के बीच बचा कर रखें। बच्चों को ज्यादा गर्म एवं ठंडी खाने की चीजें न दें। उन्हें ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं।
एकदम तापमान बढ़ने से दबाव बना, इसलिए मौसम बदला
वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि तापमान के एकदम से सामान्य से ज्यादा ऊंचा हो जाने के कारण बने दबाव के चलते मौसम में यह परिवर्तन आया है। जो स्थानीय है। इस दौरान अगले 48 घंटों में तेज हवाओं 45 प्रति किलोमीटर की रफ्तार से चलने की उम्मीद है। अंधड़ के साथ कहीं-कहीं बरसात भी हो सकती है।