परीक्षा के लिए यदि विद्यार्थी के पास घर पर कंप्यूटर नहीं है या फिर आस-पड़ोस में भी इंटरनेट या कंप्यूटर नहीं है तो ऐसे बच्चे कॉलेज में आकर भी अंतिम विकल्प के तौर पर पहुंच कर बच्चे परीक्षा दे सकेंगे। राजकीय कॉलेज में लगभग 44 अध्यापकों की संबंधित कोर्स से इस कार्य के लिए ड्यूटी लगाई गई है।
बता दें कि हायर एजूकेशन निदेशालय के निर्देशानुसार यूजी और पीजी की परीक्षा सितंबर माह में होने जा रही है। परीक्षा का समय तीन घंटे निर्धारित किया गया है। जिसमें बच्चों को 50 प्रतिशत प्रश्न ही करने है। इसके बाद बच्चों को उक्त प्रश्रों की पीडीएफ फाइल बनाकर संबंधित कॉलेज व यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर भेजनी है। अगर परीक्षार्थी तीन घंटे में लिंक पर पीडीएफ फाइल नहीं अपलोड करते हैं तो परीक्षार्थी अयोग्य माना जाएगा।
यूजी के छठे व पीजी के चौथे सेमेस्टर की होगी परीक्षा: यूजीसी द्वारा यूजी-पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा लेने के निर्णय लिया है। जिसमें यूजी के छठे व पीजी के चौथे सेमेस्टर के लगभग दस हजार बच्चे इस बार घर बैठकर परीक्षा देंगे।
अंतिम विकल्प में कॉलेज में दे सकते हैं परीक्षा- प्राप्त जानकारी अनुसार किसी विद्यार्थी के पास स्मार्टफोन, लैपटॉप या फिर किसी कैफे से भी संपर्क नहीं होता है तो अंतिम विकल्प कॉलेज रहेगा। कालेज प्रशासन ने कंप्यूटर-इंटरनेट की व्यवस्था की है। जहां पर विद्यार्थी परीक्षा दे सकते हैं। विद्यार्थियों को ई-मेल के जरिए भेजी गई आंसर सीट पर सीरियल नंबर व रोल नंबर लिखना अनिवार्य है। वहीं विद्यार्थियों को क्रमानुसार प्रश्न लिखने है। उदाहरण के लिए अगर किसी बच्चे द्वारा सबसे पहले पांचवां प्रश्न सॉल्व किया गया इसके बाद वह छठा ही प्रश्न करेगा। अन्यथा विभाग द्वारा स्वीकार्य नहीं होगा। साथ ही परीक्षार्थियों को परीक्षा में नीला व काला पेन ही उपयोग करना है।
राजकीय कॉलेज रजिस्ट्रार रेनू गुप्ता ने बताया कि परीक्षा को लेकर टीचिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। स्टाफ हर तरह से विद्यार्थियों को परीक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि उसके बाद भी अगर किसी बच्चे को कहीं पर समस्या आती है तो वो सीधा संपर्क कर सकता है।