संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के छह गांवों के 11 किसानों पर फसल अवशेष जलाने के मामले में जुर्माना लगाया गया। साथ ही संबंधित सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि जिन गांवों में किसान पराली में आग लगाने की घटना में शामिल पाए जाते हैं, उन किसानों के साथ-साथ संबंधित सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। पर्यावरण का संरक्षण करना हम सबकी सांझी जिम्मेदारी है। जन प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर निगरानी रखनी चाहिए और किसानों को भी जागरूक करते रहना चाहिए, ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि मंगलवार को दो एकड़ से अधिक धान के फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में गांव पबनावा के किसान संजय, सतबीर सिंह तथा सूबे सिंह, गांव सिरसल के किसान काला राम, जसपाल तथा महेंद्र, बाकल के किसान निशबर, सांच गांव के किसान कुलदीप तथा राजेंद्र, गांव फिरोजपुर के किसान उदय तथा लदाना चक्कू के किसान गुरबाज सिंह शामिल पाए गए।
इन सभी किसानों को जुर्माना लगाया है तथा सभी संबंधित गांवों के सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक 40 किसानों पर एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि पराली में आग न लगाएं, बल्कि प्रबंधन कर कमाई करें। पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं जमीन की उर्वरा शक्ति यानि उपजाऊ क्षमता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।