संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राइस मिलरों की हड़ताल खत्म होने के बाद अब शहर की तीनों मंडियों में उठान के कार्य में तेजी आना शुरू हुई है। इसके बाद किसानों सहित आढ़तियों को भी राहत मिली है।
गौरतलब है कि बुधवार को ही मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने सड़क पर धान डालने पर 15 आढ़तियों को नोटिस दिया था। अब अब राइस मिलरों की ओर से खरीद शुरू करने के बाद मंडियों में लग रहे जाम से मुक्ति मिलेगी। वहीं, गत दिवस तक जिले की मंडियों में एक लाख 80 हजार 750 मीट्रिक टन धान की
खरीद हुई है।
राइस मिलरों ने चुनाव परिणाम वाले दिन मंगलवार शाम के समय ही आढ़तियों व किसानों की समस्या को देख हड़ताल खोल दी थी। डीसी डॉ. विवेक भारती ने बताया कि गत दिवस तक जिले की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक लाख 80 हजार 750 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद की जा चुकी है। कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक लाख 989 एमटी, हैफेड ने 28 हजार 597 एमटी व हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन ने 50 हजार 949 एमटी धान खरीदा है। डीसी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान को सुखाकर मंडी में लेकर आए, ताकि जल्द खरीद की जा सके। धान की फसल की कटाई के बाद फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और इसे जमीन में मिलाकर उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं।
खरीद के ये आंकड़े
नौ अक्तूबर तक
अनाज मंडी
धान खरीद
अरनौली मंडी
2335 एमटी
बाबा लदाना मंडी
1162 एमटी
भागल मंडी
1001 एमटी
ढांड
11120 एमटी
पुरानी मंडी कैथल
2853 एमटी
नई अनाज मंडी
23488 एमटी
अतिरिक्त नई अनाज मंडी
27858 एमटी
कलायत मंडी
608 एमटी
पाई मंडी
738 एमटी
पूंडरी 9270 एमटी
राजौंद 701 एमटी
रामथली 7541 एमटी
सीवन मंडी
9501 एमटी
ट्रांसपोर्ट नगर कैथल मंडी
971 एमटी
राजौंद में धान खरीद न होने पर किसानों ने लगाया जाम
राजौंद। अनाज मंडी राजौंद में धान की फसल की खरीद न होने पर किसानों ने मंडी के बाहर वीरवार को दूसरे दिन भी जाम लगा दिया। सुबह करीब 10 बजे किसान अनाज मंडी में एकत्रित हुए। इसके बाद किसानों ने करीब एक घंटे तक सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार किया, लेकिन यह नहीं हुई। इसके बाद किसानों ने राजौंद अनाज मंडी के गेट के सामने कैथल-असंध रोड पर जाम लगा दिया।
इस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लगातार तीन घंटे तक जाम लगे होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जाम के दौरान हरियाणा वेयर हाउस की डीएम व हैफेड के डीएम सुरेश कुमार भी मौके पर पहुंचे।
उनके साथ ही थाना प्रभारी इंद्र सिंह भी अपनी टीम के साथ किसानों के बीच पहुंचे। पुलिस ने वाहनों को पीछे से ही अलग-अलग रास्तों में भेजना शुरू कर दिया। दोनों डीएम व आढ़तियों के बीच खरीद को लेकर लंबी बातचीत चली, लेकिन खरीद के संबंध में कोई सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान यहां पर आए मिलर भी वापस चले गए।
हरियाणा वेयरहाउस की डीएम सुनीता चहल ने कहा कि गुहला-चीका व ढांड से कुछ मिलर आ रहे हैं, उनके आते ही धान की खरीद कर ली जाएगी। किसानों को समझाया कि शुक्रवार से धान की खरीद से सुचारू रूप से शुरू करवा दी जाएगी।
नाराज किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कल से खरीद नहीं हुई तो फिर से वह ठीक 11 बजे जाम लगाने को मजबूर होंगे। किसानों ने कहा कि वह एक अक्तूबर से धान मंडी में लेकर बैठे हैं। संवाद
कहा कि कभी धान में नमी कम बता दी जाती है तो कभी ज्यादा बता दी जाती हैं। इस तरह परेशान होकर मजबूर होकर जाम लगाने को विवश होना पड़ता हैं।