संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। एक गोत्र–एक गांव और साथ लगते गांवों में विवाह पर रोक लगाने की मांग को लेकर सर्व समाज के लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक महेंद्र सिंह बालू के निवास पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सुभाष बड़सीकरी ने की। इस दौरान समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ सामाजिक एकता, परंपराओं के संरक्षण और सुधारात्मक प्रयासों पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में सर्व समाज के खाप प्रवक्ता सुबे सिंह ने कहा कि एक गोत्र और एक गांव में विवाह पर प्रतिबंध समाज की परंपराओं, मान्यताओं और मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक संतुलन और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए परंपरागत नियमों का सम्मान जरूरी है।
उन्होंने समाज के लोगों से शराब, डीजे और दहेज जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने की अपील की। उनका कहना था कि इन सामाजिक बुराइयों के कारण परिवारों और समुदायों के बीच विवाद, तनाव और आपसी लड़ाई-झगड़े की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे समाज की छवि भी प्रभावित होती है।
बैठक में वक्ताओं ने युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि नई पीढ़ी को सही दिशा और संस्कार नहीं दिए गए, तो समाज की प्रगति संभव नहीं है। इस संदर्भ में गांव पाई के एक युवा द्वारा ‘बुगी’ लेकर सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से निकाली जा रही पदयात्रा का भी उल्लेख किया गया। यह पदयात्रा समाज में सुधार, एकता और जागरूकता का संदेश दे रही है। उपस्थित लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए समाज के सभी वर्गों से इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया। चांदीराम, रणधीर सिंह, रमेश आदि मौजूद रहे।