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Kaithal News: घग्घर के जलस्तर की कड़ी निगरानी

Tue, 09 Sep 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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24 गुहला-चीका। घग्गर नदी किनारे बसे एक गांव के ग्रामीणों से बात करते एसडीएम कैप्टन प्रमेश ​सिंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका/कैथल। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने सोमवार को सरोला, दाबा, चाबा, रत्ताखेड़ा लुकमान, खंबहेड़ा, कुंडी वाला बंध सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और किसानों की समस्याएं सुनी। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार रविंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे।

एसडीएम ने बताया कि घग्घर नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जिन गांवों के खेतों में पानी भरा है, वहां अधिकारी जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। घग्घर का जल स्तर सोमवार को 24.6 फीट पर 53,695 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया।
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डीसी प्रीति, एसपी आस्था मोदी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विभिन्न विभाग जलभराव से निपटने के लिए सतर्क रहकर कार्य कर रहे हैं और आमजन को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

एसडीएम ने बताया कि पीछे टांगरी और मारकंडा जैसी नदियों में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और जल्द ही गुहला-चीका क्षेत्र में भी जलस्तर में कमी की संभावना है। राजस्व विभाग के अधिकारी लगातार पानी से भरे खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, सरपंचों से संपर्क में रहकर तटबंध कमजोर होने की स्थिति में सिंचाई विभाग के माध्यम से तुरंत मजबूतीकरण कार्य करवाते हैं। इस कार्य में लगभग 200 मजदूर लगे हुए हैं। पुलिस विभाग ने मुख्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। जन स्वास्थ्य विभाग पानी के सैंपल लेकर जांच कर रहा है और लीकेज ठीक करवा रहा है। पशुपालन विभाग ने मोबाइल पशु चिकित्सा वैन तैनात की हैं। स्वास्थ्य विभाग गांवों में चिकित्सा शिविर चला रहा है और बिजली निगम निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग चला रहे शिविर

कैथल। पशुपालन विभाग के उप निदेशक डा. सूर्या खटकड़ ने बताया कि घग्घर के जलस्तर के कारण जिन गांवों के खेतों में पानी भरा है, वहां स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग मिलकर स्वास्थ्य जांच शिविर चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आशा वर्कर को प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध करवाई हैं। सिविल सर्जन डा. रेणु चावला ने बताया कि गुहला क्षेत्र में 24 घंटे एंबुलेंस तैनात की गई है और जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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पशुपालन विभाग ने दो मोबाइल चिकित्सा वैन और 19 शिविर लगाए हैं, जिसमें लगभग 2,628 पशुओं का उपचार किया गया। ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ जल और पशु चिकित्सा सुविधाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। संवाद
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