कैथल। बिजली बिल नहीं भरने वाले बकायेदारों के खिलाफ निगम ने सख्ती तेज कर दी है। लंबे समय से बकाया जमा नहीं कराने वाले 665 उपभोक्ताओं के मामलों को राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है। इनको तहसीलदार की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया तो उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क (जब्त) करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
बकाया वसूली के लिए अब लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत बकायेदारों के नाम पर दर्ज जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों पर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। साथ ही उनकी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी। जब तक बकाया जमा नहीं होगा, तब तक वे अपनी संपत्ति का लेन-देन नहीं कर सकेंगे।
गौरतलब है कि इन 665 उपभोक्ताओं पर कुल 13 करोड़ 73 लाख रुपये की बकाया राशि है। इनमें कैथल डिवीजन के 370 उपभोक्ताओं पर 8 करोड़ 68 लाख रुपये, गुहला के 52 उपभोक्ताओं पर 89 लाख रुपये और पूंडरी डिवीजन के 243 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 16 लाख रुपये बकाया हैं।
तीन चरणों में नोटिस, फिर भी नहीं हुआ भुगतान : निगम ने वसूली प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं ने भुगतान नहीं किया। पहले चरण में 2409 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए, जिन पर 64 करोड़ 54 लाख रुपये बकाया था। इनमें कैथल डिवीजन के 1319 उपभोक्ताओं पर 39 करोड़ 47 लाख रुपये, गुहला के 452 उपभोक्ताओं पर 11 करोड़ 1 लाख रुपये और पूंडरी के 638 उपभोक्ताओं पर 14 करोड़ 6 लाख रुपये बकाया थे।
दूसरे चरण में 888 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए, जिनमें कैथल के 446, गुहला के 114 और पूंडरी के 328 उपभोक्ता शामिल थे।
इसके बाद तीसरे चरण में एक्सईएन स्तर से 788 उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस भेजा गया। इनमें कैथल डिवीजन के 416 उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 78 लाख रुपये, गुहला के 49 उपभोक्ताओं पर 88 लाख रुपये और पूंडरी के 323 उपभोक्ताओं पर 6 करोड़ 57 लाख रुपये बकाया हैं।
जिले में 6129 बड़े डिफॉल्टर 180 करोड़ से अधिक बकाया
निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले में एक लाख रुपये से अधिक बकाया वाले 6129 उपभोक्ता डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं। इन पर कुल 180 करोड़ 14 लाख रुपये बकाया हैं। सबसे अधिक बकाया कैथल डिवीजन में है, जहां 3750 उपभोक्ताओं पर 129 करोड़ 4 लाख रुपये लंबित हैं। इसके अलावा गुहला डिवीजन के 636 उपभोक्ताओं पर 17 करोड़ 7 लाख रुपये और पूंडरी डिवीजन के 1743 उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ 3 लाख रुपये बकाया हैं। शेष उपभोक्ताओं की सूची भी तहसीलदार को सौंपी जाएगी।
बकाया जमा करें, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी : एसई
निगम के एसई सोमबीर भालोठिया ने कहा कि उपभोक्ता जल्द से जल्द अपना बकाया बिल जमा करें, अन्यथा उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। 665 मामलों को राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है और आगे की कार्रवाई तहसीलदार द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल राजस्व वसूली ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
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