कैथल। कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने लोकल ऑडिट बिल का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायतों के ऑडिट को मजबूत करना जरूरी है लेकिन उन्होंने कई कमियों की ओर इशारा किया। उन्होनें हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन दो महत्वपूर्ण विधेयकों हरियाणा लोकल ऑडिट बिल, 2026 और हरियाणा राज्य महिला आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 पर सदन में अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि कैग की तकनीकी मार्गदर्शन को अनिवार्य बनाया जाए। लोकल ऑडिट डायरेक्टर को असली स्वतंत्रता और सुरक्षा दी जाए। बिना नोटिस और सुनवाई के असीमित व्यक्तिगत देनदारी गलत है। रिकॉर्ड नष्ट करने पर मात्र एक से पांच हजार का जुर्माना नाकाफी है। करोड़ों के बजट वाले निकायों में ऑडिट अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने बिल को सिलेक्ट कमेटी भेजकर सुधारने की मांग की।
विधायक सुरजेवाला ने महिला आयोग संशोधन विधेयक का भी समर्थन किया, लेकिन गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से 7 करने का प्रस्ताव इसलिए लाया गया है क्योंकि आयोग का काम बढ़ गया है। पिछले कई वर्षों से, विशेषकर रेनू भाटिया के पूरे कार्यकाल (लगभग 2021 से 2026) में अध्यक्ष के अलावा अन्य सदस्यों की नियुक्ति ही नहीं की गई। आयोग लगभग अकेले ही चलाया गया।