कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन की लिथोट्रिप्सी मशीन को फ्रांस के आए इंजीनियरों ने कंडम घोषित कर दिया है। यह मशीन फ्रांस से ही आई थी। अब यह मशीन किसी भी कार्य की नहीं रही है। इसे प्रयोग में नहीं लाया जा सकता है।
गौरतलब है कि यह मशीन वर्ष 2018 में तीन करोड़ 40 लाख रुपये से खरीदी गई थी। इसके बाद वह करीब दो साल बाद खराब हो गई थी। बताया कि चूहों के कुतरने से यह खराब हो गई है। इसके बाद से यह ठीक नहीं हो पाई। इस मशीन से बिना चीर-फाड़ के ऑपरेशन किए जा सकते थे। वहीं, कोरोना काल के बाद से ही यह किसी भी काम की नहीं है। कोरोना काल में इस मशीन से ऑपरेशन को बंद किया गया था। पहले लोकल इंजीनियरों से इस मशीन को ठीक करवाने का प्रयास किया गया। यह मशीन फिर भी ठीक नहीं हो पाई है। इसके बाद इस मशीन को ठीक करवाने के लिए फ्रांस से इंजीनियर बुलाए गए थे। बताया गया है अब फ्रांस के इंजीनियरों ने मशीन के ठीक न होने की रिपोर्ट विभाग के कार्यालय में भेजी है। इसमें इस मशीन को कंडम घोषित किया है।
निशुल्क किए जाते थे ऑपरेशन, बाहर लगते हैं 25 हजार
गौरतलब है जिला नागरिक अस्पताल में लाई गई लिथोट्रिप्सी मशीन के ठीक होने के दौरान इससे निशुल्क ऑपरेशन किए जाते रहे हैं परंतु मशीन के खराब होने के बाद मरीजों को 20 से 25 हजार रुपये में पथरी का ऑपरेशन करवाना पड़ रहा है। इस मशीन से बिना ऑपरेशन के ही मरीजों की पथरी निकाली जाती थी।
हालांकि सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने अभी रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी कि मशीन ठीक होगी या नहीं।