संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। साइबर शातिरों के निशाने पर सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। ठग खजाना अधिकारी बन गोपनीय जानकारी हासिल कर बैंक खाता खाली कर सकते हैं। एसपी उपासना ने बताया कि वर्तमान में साइबर ठग विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का विभिन्न माध्यमों से डाटा प्राप्त करते हैं। पेंशन के नाम पर ठगी हो रही है। उसे विश्वास दिलाते हैं कि वह विभाग से ही बोल रहे हैं।
एसपी ने बताया कि झांसा देकर कर्मचारी के मोबाइल पर एनी डेस्क या टीम व्यूअर एप डाउनलोड कराते हैं। बैंक, आधार कार्ड, मोबाइल ओटीपी की जानकारी करने के बाद नेट बैंकिंग व यूपीआई के माध्यम से धनराशि की निकासी कर लेते हैं।
एसपी ने कहा कि ऐसे में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। ट्रेजरी अधिकारी कभी भी किसी भी कर्मचारी को फोन नहीं करते हैं। किसी अंजान व्यक्ति को कोई गोपनीय नहीं देनी चाहिए। ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर मिलाएं।
छात्राओं को किया जागरूक
साइबर जागरूकता अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम से पीएसआई शुभ्रांशु की टीम ने गांव लांबा खेड़ी स्थित द गर्ल्स गुरुकुल में छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के बारे में जानकारी दी। शुभ्रांशु ने बताया कि साइबर अपराधी ठगी करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमजन किसी भी प्रकार की लॉटरी या गिफ्ट आइटम के लालच में न आएं और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।