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किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रही है सरकार : यादव

Thu, 05 Jan 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो कैथल
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मंच पर मौजूद किसान आयोग के चेयरमैन और अन्य किसान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 किसान आयोग के चेयरमैन डा. रमेश यादव ने किसानों से अनुरोध किया कि वे खेती के साथ-साथ पोल्ट्री फार्म, डेयरी फार्म, मधुमक्खी पालन, फूलों की खेती जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर अपनी आमदनी को बढ़ाएं। इन सहायक व्यवसायों के उपयोग से उनकी आर्थिक समृद्धि और खुशहाली को बढ़ाने में मदद मिलेगी। वे बुधवार को गांव खेड़ी सिकंदर में प्रगतिशील किसान राजेश कुमार के खेतों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व नकद रहित लेन-देन विषय पर आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में किसानों को संबोधित कर रहे थे।
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सेमिनार का आयोजन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किया गया था। आयोग के चेयरमैन एवं दोनों सदस्य डा. श्याम भास्कर व डा. आरएस बालियाण भी उनके साथ यहां पहुंचे थे। उन्होंने पहले राजेश के फार्म का दौरा किया। जहां राजेश ने एक साथ उगाई जा रही सात से आठ सब्जियों की जानकारी दी। ब्रोकली, गोभी, गाजर सहित जैविक तरीके से की जा रही खेती की जानकारी हासिल कर आयोग के सदस्यों ने राजेश की सराहना की। इस मौके पर किसान आयोग के सदस्य श्याम भास्कर, डा. आरएस बाल्याण व भाजपा नेता रणधीर गोलन भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

फार्म का भ्रमण करने के बाद सम्मेलन को संबोधित करते हुए डा. रमेश यादव ने कहा कि किसान आयोग का गठन किसानों व सरकार के बीच कड़ी स्थापित करने के लिए किया गया है। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है तथा भारत की आत्मा कृषि है। आत्मा की मजबूती के लिए खेती पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय मानते थे कि किसान एक बड़ा वैज्ञानिक है, जो अपने अनुभव और मेहनत के आधार पर नए-नए प्रयोगों से खेतों में अनुसंधान करके खेती की पैदावार को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि किसान गौ संरक्षण व गौ संवर्धन की तरफ ध्यान देकर गोबर का उपयोग खाद के लिए करें। किसान आयोग के सदस्य श्याम भास्कर ने कहा कि देश में साढ़े 5 लाख करोड़ का दूध उत्पादन होता है तथा केंद्र व राज्य सरकार स्वेत क्रांति लाने की दिशा में ऐसी योजनाओं पर जोर दे रही है, जिससे दूध के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की तरफ से देशी गाय के पालन पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक टी.के राणा ने कहा कि किसानों से अनुरोध किया है कि वे कैशलेस लेन-देन करके अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अपना योगदान दें।
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उपकृषि निदेशक डा. महावीर सिंह ने किसान आयोग के चेयरमैन का स्वागत करते हुए कहा कि जिला कैथल के किसान अब पर परागत खेती को छोड़कर उन्नत खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं तथा धान की फसल की बिजाई भी सीधी बिजाई करके अधिक पैदावार लेने में कामयाब हुए हैं। इस अवसर पर डा. वजीर सिंह, डा. रमेश वर्मा, डा. जितेंद्र अहलावत, दिनेश शर्मा, डा. मनीष वत्स, डा. चंद्र प्रकाश, डा. बाबू लाल शर्मा, डा. अश्वनी शर्मा, डा. जसबीर, प्रगतिशील किसान महेंद्र सिंह रसीना, गुलाब सिंह, सुरेंद्र श्योकंद, मदन टाया के अलावा आसपास के क्षेत्रों के किसान उपस्थित रहे।
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