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शहरों में सीवरेज, पार्किंग तो गांवों में पानी निकासी है विकास में बाधा

Wed, 04 Jan 2017 11:52 PM IST
ब्यूरो कैथल
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पांचवें वित्त आयोग के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने समस्याएं रखीं समस्याएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में सीवरेज व पार्किंग तो गांवों में पानी की निकासी जैसी समस्याएं विकास में बाधा हैं। इसलिए इन समस्याओं का समाधान जरूरी है। पांचवें वित्त आयोग के सदस्य बुधवार को जनप्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं जानने पहुंचे तो ये बड़ी समस्याएं सामने आईं। कई पार्षदों व सरपंचों ने ग्रांट ना मिलने की बात रखी तो कई सरपंचों ने पंचायतों की आमदानी ना होने पर अधिक से अधिक ग्रांट दिए जाने की मांग रखी।
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बुधवार को पांचवें वित्त आयोग के सदस्य अनुराग बख्शी, श्याम लाल बंसल, राजेंद्र वालिया लघु सचिवालय स्थित सभागार में पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों तथा स्थानीय निकाय के सदस्यों से मिलने पहुंचे। जहां उनसे समस्याएं जानीं और विकास के लिए सुझाव आमंत्रित किए।
बैठक में पार्षदों ने शहर में सीवरेज व पार्किंग की समस्या को उठाते हुए इसके समाधान के लिए ज्यादा ग्रांट देने की बात रखी। नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने सीवरेज बनाने के लिए 6 से 9 इंच से बढ़ाकर 20 इंच की चौड़ाई करने का सुझाव रखा। उन्होंने नगर परिषद व नगर पालिकाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए पेट्रोल पर सेस लगाने का सुझाव रखा। ताकि शहर में सफाई सहित अन्य कार्य किए जा सकें।
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शहर में पार्किंग की बड़ी समस्या
परिषद के उपाध्यक्ष डा. पवन थरेजा, पार्षद मोहन लाल ने शहर में पार्किंग के लिए ज्यादा ग्रांट देने की बात रखी। साथ ही शहर के बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों व सफाई की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की मांग की। बैठक में राजौंद, कलायत व कैथल में पीने के पानी की समस्या के समाधान की बात रखी गई। तीनों शहरों में पीने के पानी में शोरा होने के कारण लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। पार्षदों ने उन्हें दिए जाने वाले मानदेय में भी बढ़ोतरी की बात रखी।

पंजाब सीमा पर स्थित गांवों में नशे का कारोबार
पंजाब सीमा पर स्थित गांवों से आए सरपंचों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पंजाब सीमा पर स्थित गांवों में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। इस समस्या से निजात दिलवाई जाए।

जिला परिषद को भी दी जाए ग्रांट
जिला परिषद चेयरमैन सुखविंद्र कौर व अन्य पार्षदों ने कहा कि जिला परिषद के पास कोई ज्यादा ग्रांट नहीं होती। सरपंचों को ही ग्रांट जाती है। इसलिए जिला परिषदों में भी ग्रांट दी जाए।

सरपंचों ने की पानी की निकासी की मांग
जिले भर के गांवों से आए सरपंचों ने पानी की निकासी की मांग रखी। जिले के बड़े गांव सीवन की सरपंच पवनदीप कौर व उनके प्रतिनिधि ने गांव में पानी की निकासी की मांग रखी। इसी तरह अन्य गांवों से आए सरपंचों ने भी गंदे पानी की समस्या को बड़ी समस्या बताते हुए इसके समाधान की मांग रखी।

जिला अस्पताल में काला पीलिया के इलाज की मांग
गांवों से आए सरपंचों ने कहा कि पूरा जिला काला पीलिया की चपेट में है। जबकि इसका इलाज महंगा है। लोगों ने मांग रखी कि जिला अस्पताल में काला पीलिया के इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। गांवों में लोगों के बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाएं।

आयोग सदस्यों ने बताया कि पांचवें वित्त आयोग का गठन किया गया है तथा विकास कार्यों के लिए धन का उपयोग क्षेत्र की समस्याओं के अनुसार किया जाएगा।
 
व्यायामशाला में कोच की हो नियुक्ति
विभिन्न गांवों में खेल स्टेडियम, व्यायामशाला का निर्माण होने के बाद कोच की व्यवस्था न होने से खेलों का प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि वित्त आयोग के सदस्यों ने जिले भर के पंचायत प्रतिनिधियों व शहर से जनप्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं जानीं। ताकि उसी अनुसार राज्य स्तरीय वित्त नीति में उन्हें अनुदान दिया जा सके।
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