संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर का बहुचर्चित बैंक एंड सिटी स्क्वॉयर प्रोजेक्ट, जिसे 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शिलान्यास किया था, अब 11 साल बाद भी अधूरा पड़ा है। शुक्रवार को नगर पार्षदों ने नगर परिषद की अध्यक्ष के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाकर नाराजगी जताई।
गौरतलब है कि 43 कनाल 10 मरले में फैले इस प्रोजेक्ट का शुरुआती बजट 38 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 54 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। केवल 40-45% काम पूरा होने के बावजूद, परियोजना भ्रष्टाचार, ठेकेदार की लापरवाही, बार-बार टेंडर रद्द होने और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण विवादों में घिरी हुई है। शुक्रवार को नगर पार्षद मोहन शर्मा, रामनिवास मित्तल, अनिल खुरानिया, विकास सौदा, दिनेश शर्मा, सुशीला शर्मा, शमशेर फौजी, विनोद सोनी, धर्मेन्द्र, बलजीत इंदल, विजय गर्ग, बिल्लू जांगड़ा, अनीश गुप्ता ने प्रेसवार्ता कर नगर परिषद सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता पर सवाल उठाए।
ठेकेदार की लापरवाही और बार-बार टेंडर रद्द ः 11 साल में प्रोजेक्ट की प्रगति बेहद धीमी रही: 2023 में केवल 10% और 2024 में मात्र 5% काम पूरा हुआ। ठेकेदार ने देरी का ठीकरा प्रशासन पर फोड़ा, जबकि पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम पिछड़ा। मई 2024 में टेंडर रद्द किया गया, लेकिन नया टेंडर अभी तक नहीं लग सका।
नगर परिषद ने ठेकेदार पर 5.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, साथ ही 5 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी भी जब्त की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों का आरोप है कि चेयरपर्सन और प्रशासन ने ठेकेदार को लगातार अवसर देकर मिलीभगत दिखाई।
भाजपा सरकार और प्रशासन की भूमिका ः साल 2014 में तत्कालीन विधायक सुरजेवाला ने शिलान्यास किया, लेकिन 6 साल तक भाजपा सरकार ने काम नहीं किया। 2018 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रोजेक्ट 2020 तक पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन 11 साल बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है। पार्षदों ने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों और शहरी निकाय विभाग के समक्ष ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
भविष्य और जनता की उम्मीद ः हाईकोर्ट के निर्देश पर अब 19 करोड़ रुपये का नया टेंडर लगाने की तैयारी है, काम नवंबर 2025 में शुरू होने की उम्मीद है। नाराज पार्षदों का कहना है िक बावजूद इसके 11 साल की देरी और भ्रष्टाचार के इतिहास को देखते हुए जनता का भरोसा टूट चुका है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक आंदोलन और हाईकोर्ट तक की लड़ाई की जाएगी।
प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही विवादों का साया
2018 में नगर परिषद ने गर्ग एंड कंपनी को टेंडर दिया था। प्रोजेक्ट में 30 फ्लोर, मल्टी-लेवल पार्किंग, म्यूजिकल फाउंटेन, पार्क और भव्य अशोक चक्र का निर्माण होना था। 2019 में पाइल टेस्टिंग के नाम पर ठेकेदार को 1.81 करोड़ रुपये का भुगतान नियमों के विपरीत किया गया, जिसे बाद में पार्षदों की मांग पर वापस लिया गया। 2019 में भ्रष्टाचार के आरोपों में ठेकेदार और नगर परिषद के 11 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। 2023 में ठेकेदार को अन्य प्रोजेक्ट में अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिससे निर्माण कार्य ठप्प हो गया।
कांग्रेस शासनकाल में सिटी स्क्वॉयर निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार ः सुरभि गर्ग
कैथल। शहर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर का अधूरा निर्माण कार्य फिर सुर्खियों में है। नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के आज तक अधर में लटकने का मुख्य कारण कांग्रेस शासनकाल में हुई भ्रष्टाचारपूर्ण गतिविधियां हैं। गर्ग के अनुसार, कांग्रेस सरकार के दौरान इस प्रोजेक्ट का टेंडर गर्ग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया, जिसने पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार किया। कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष और 11 अन्य अधिकारियों समेत ठेकेदार ने मिलकर एडवांस पेमेंट ली और कई अनियमितताओं के चलते एफआईआर भी दर्ज हुई थी। सुरभि गर्ग ने कहा कि कुछ कांग्रेस समर्थित पार्षद आज पारदर्शिता की बात करते हैं, जबकि सच यह है कि प्रोजेक्ट अधूरा होने का जिम्मेदार कांग्रेस ही है।
कंपनी को ब्लैकलिस्ट और जुर्माना ः अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा न करने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और लगभग 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि सिटी स्क्वॉयर में भ्रष्टाचार के बीज कांग्रेस ने ही बोए थे और जानबूझकर प्रोजेक्ट में देरी कर के अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। इस अवसर पर भाजपा समर्थित वाईस चेयरमैन सीमा वाल्मीकि, पार्षद प्रवेश शर्मा, राज सैनी, रिंकू सैनी, दीपक शर्मा, राजेश सिसोदिया, बलराज, रोहन मित्तल, लीलू सैनी, रामफल सैनी, रजत थरेजा, निरंजन सैनी, विक्की धीमान, काका सचदेवा, वीरेंद्र बत्रा, संजू गुज्जर मौजूद रहे। संवाद