संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खेल के क्षेत्र में कैथल जिले की देश-विदेश में अलग पहचान है। जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब पदक जीते है। ओलंपिक तक जिले के खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है। अच्छे कोच और मैदान के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडिय़ों को जिले व आसपास के कस्बे में अभ्यास करने जाना पड़ता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में राजीव गांधी खेल स्टेडियम बनाए गए हैं उनमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही। स्टेडियम में जो मैदान है, वहां पर घास फूस उगा हुआ है।
स्टेडियम में पीने के पानी व छाया की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी कैसे अभ्यास कर सकते हैं। गौरतलब है कि जिले में राजीव गांधी खेल स्टेडियमों की संख्या सात है। इसमें राजीव गांधी खेल स्टेडियम क्योडक़, भाना, भागल, बात्ता, मलिकपुर, फतेहपुर व एक खेल स्टेडियम पट्टी अफगान में गुरु गोबिंद सिंह खेल स्टेडियम है। इन सभी स्टेडियमों की खस्ता हालात है।
खिलाड़ियों का कहना है कि अगर जिले में अच्छे मैदान और कोच नियुक्त किए जाए तो उन्हें अपने जिले में ही अभ्यास की सुविधा मिलेगी। खिलाड़ी मनीष, पवन, संजय, कर्मवीर, संदीप, रोहताश का कहना है कि शासन और प्रशासन को जिले की प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिले में अच्छे कोच और मैदान की व्यवस्था करनी चाहिए।
रखरखाव के अभाव में जिले में बने सभी राजीव गांधी खेल स्टेडियम करोड़ों रुपये से तैयार कराए गए थे, जो बदहाल पड़े हैं। जिले में अच्छे कोच और मैदानों की व्यवस्था होगी तो जिले में खिलाड़ियों की प्रतिभा उभरेगी।
चार भी अवार्डी खिलाड़ी
कैथल जिले में चार खिलाड़ियों को भीम व अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। इनमें बलवंत सिंह गांव कौल को वॉलीबॉल और गुरुमेल कौर गांव धनौरी को हैंडबॉल में हरियाणा सरकार ने भीम अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में दो खिलाड़ी हैं जिन्हे भीम अवार्ड एवं अर्जुन अवार्ड राष्ट्रपति से हाथों से प्राप्त हुआ है। एक मनोज बॉक्सर व दूसरा तीरंदाजी में पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता हरविंद्र ङ्क्षसह। यह दोनों खिलाड़ी वर्तमान में खिलाडिय़ों से लिए प्रेरणास्रोत है। यदि जिले के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिले तो वह भी अर्जुन व भीम अवार्ड जीत सकते हैं। अभी आचार संहिता लगी हुई है। आचार संहिता के बाद सभी खेल स्टेडियमों की साफ सफाई करवाई जाएगी। -देवेंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी कैथल।