कैथल। गांव क्योड़क के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही खेल उपकरण पूरे हैं। यहां पर दौड़ के लिए ट्रैक की सुविधा नहीं है और मैदान में भी देखरेख के अभाव में झाड़ियां उग गई हैं। इससे खिलाड़ियों और युवाओं को सड़क के किनारे ही पुलिस और सेना भर्ती और खेलों की तैयारी के लिए अभ्यास करना पड़ रहा है। स्टेडियम का खेल मैदान लावारिस पशुओं का विचरण स्थल बन कर रह गया है। खिलाड़ियों ने प्रशासन और खेल विभाग से स्टेडियम की सफाई और समस्याओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।
युवा साहिल, दीपक, कुलदीप व सुरेंद्र ने कहा कि गांव क्योड़क में राजीव गांधी खेल स्टेडियम पांच एकड़ में बना है। विभाग की अनदेखी के कारण यहां मूलभूत समेत अन्य सुविधाएं भी खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रही हैं। स्टेडियम में दौड़ के लिए ट्रैक की सुविधा नहीं है। मैदान में झाड़ियां उगी हुई हैं और लावारिस पशु भी यहां घूमते रहते हैं। इससे युवाओं को पुलिस भर्ती, सेना भर्ती, खेल अभ्यास करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
युवाओं का कहना है कि स्टेडियम में शराब पीने वाले लोगों जमा रहते हैं। यहां पर घूमने वाले असामाजिक तत्व स्टेडियम भवन में निर्माण के समय लगाएं पंखे और फिटिंग तक को लोग उखाड़ ले गए हैं। उन्होंने कहा कि खेल स्टेडियम में पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। स्टेडियम की सभी लाइटें भी लोग उखाड़ ले गए। खिलाड़ी कुलदीप पहलवान ने कहा कि गांव क्योड़क के स्टेडियम में बना खेल मैदान खस्ताहाल में है। यहां कोच भी नहीं हैं। न ही कोई ग्राउंड मैन है। उन्होंने कहा वर्ष 2010 में ये खेल मैदान बना था। रखरखाव के अभाव में ये जर्जर हो रहा हैं। यहां पर लगभग 150 बच्चे अभ्यास करने के लिए आते हैं। उन्होंने स्टेडियम के लिए ग्राउंड मैन और प्रशिक्षक लगाने की मांग की।